ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित जमीन को लेकर पूर्व में कई बार मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक किसी ठोस स्तर पर समाधान नहीं हो सका है। इसी कारण मजबूर होकर ग्रामीणों को सामूहिक रूप से कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात अधिकारियों के समक्ष रखना पड़ा।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत आवेदन में उल्लेख किया गया है कि कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से सीमांकन में गड़बड़ी कर अपने पक्ष में भूमि दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे वास्तविक भूमिधारकों को नुकसान हो रहा है और उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जब कलेक्ट्रेट में कलेक्टर से मिला, तो उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी और संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। ग्रामीणों ने बताया कि विवादित भूमि गांव के लिए महत्वपूर्ण है और इससे कई परिवारों की आजीविका भी जुड़ी हुई है, इसलिए इस मामले का शीघ्र निराकरण बेहद जरूरी है।
कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग से संबंधित अधिकारियों को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। सीमांकन, रिकॉर्ड परीक्षण और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि अब उन्हें जल्द न्याय मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और आपसी संबंधों में भी तनाव उत्पन्न हो रहा है।
प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि जांच प्रक्रिया के दौरान सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा, जिससे निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर सीमांकन और अभिलेखों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि मामले को प्राथमिकता में लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या टकराव उत्पन्न न हो। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी है कि ग्राम पंचायत मिचवार में जमीन से जुड़ा यह पुराना विवाद जल्द ही सुलझेगा और गांव में फिर से शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनेगा।