सुशासन तिहार बना उम्मीद की किरण, दिव्यांग अंजू को मिली व्हीलचेयर, आसान होगा स्कूल का सफर

बालोद जिले के रेंगाडबरी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में दिव्यांग बालिका अंजू को व्हीलचेयर प्रदान की गई। समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्रवाई से वर्षों से संघर्ष कर रही उसकी मां की उम्मीद पूरी हुई और अब अंजू का स्कूल जाना पहले से कहीं अधिक आसान हो सकेगा।

Jun 4, 2026 - 11:37
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सुशासन तिहार बना उम्मीद की किरण, दिव्यांग अंजू को मिली व्हीलचेयर, आसान होगा स्कूल का सफर

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम रेंगाडबरी में आयोजित शिविर में एक ऐसी भावनात्मक कहानी सामने आई, जिसने सुशासन की वास्तविक तस्वीर को सामने ला दिया। यहां दिव्यांग बालिका अंजू को व्हीलचेयर प्रदान कर न केवल उसकी पढ़ाई का रास्ता आसान बनाया गया, बल्कि उसकी मां के वर्षों पुराने संघर्ष और उम्मीदों को भी नई दिशा मिली।

वनांचल क्षेत्र के ग्राम भीमपुरी की निवासी सगनी बाई का जीवन खेती-किसानी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संघर्षों से भरा रहा है। उनकी बेटी अंजू जन्म से ही दिव्यांग है। जैसे-जैसे अंजू बड़ी होती गई, उसकी देखभाल और दैनिक गतिविधियों में मदद करना सगनी बाई के लिए चुनौतीपूर्ण होता गया। सबसे अधिक परेशानी तब होती थी जब अंजू को स्कूल ले जाना या किसी अन्य स्थान पर लेकर जाना पड़ता था। संसाधनों की कमी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण व्हीलचेयर की व्यवस्था करना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था।

सगनी बाई लंबे समय से अपनी बेटी के लिए व्हीलचेयर प्राप्त करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सही जानकारी और आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं होने के कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि सुशासन तिहार के तहत रेंगाडबरी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी उम्मीदों का मंच मानते हुए शिविर में पहुंचकर बेटी के लिए व्हीलचेयर की मांग रखी।

शिविर में प्रस्तुत आवेदन पर प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने संवेदनशीलता दिखाई। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही अंजू को नई व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी। वर्षों से जिस सुविधा का इंतजार था, वह कुछ ही समय में पूरी हो गई।

व्हीलचेयर मिलने के बाद सगनी बाई की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने भावुक होकर बताया कि दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना और बार-बार चक्कर लगाना आसान नहीं होता। लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्या को सुना गया और तुरंत समाधान भी मिला। अब बेटी को स्कूल ले जाने और लाने में पहले जैसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नई व्हीलचेयर पर बैठते ही अंजू के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उसके लिए यह केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने का नया अवसर है। अब वह अधिक सहजता से स्कूल जा सकेगी और अपनी पढ़ाई जारी रख पाएगी। अंजू ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि उसे मिली यह सहायता उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

यह घटना दर्शाती है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करता है, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से अंजू को मिली व्हीलचेयर केवल एक सहायता नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है।