काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद, NEET पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

Jul 22, 2026 - 15:28
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काले कपड़ों में संसद पहुंचे राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद, NEET पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था, NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने संसद के भीतर और बाहर अपना विरोध तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च और धरना प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस ने विरोध का दूसरा चरण शुरू किया। इसके तहत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद बुधवार को काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग की ओर मार्च निकाला था। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया था।

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक भी हुई। बैठक में संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। विपक्ष ने तय किया कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाया जाएगा।

प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और उन्हें अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पास पद पर बने रहने का नैतिक आधार नहीं बचा है। उनका दावा था कि देशभर में बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि छात्रों और विपक्षी सांसदों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्ष ने संसद में काले कपड़े पहनकर "ब्लैक डे" मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार से छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करेगा।

कांग्रेस का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास है। वहीं सरकार की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो संसद और देशभर में विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकते हैं।