US-ईरान युद्ध के बीच CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, दिल्ली-NCR में 3.89 रुपये प्रति किलो महंगी

दिल्ली-NCR में CNG वाहन चालकों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमत 83.09 रुपये से बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है। पिछले चार महीनों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है और इस दौरान CNG करीब 10 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। कंपनी ने बढ़ती LNG आयात लागत, अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में तेजी और मांग में वृद्धि को कीमत बढ़ाने की प्रमुख वजह बताया है।

Aug 29, 2026 - 11:07
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US-ईरान युद्ध के बीच CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, दिल्ली-NCR में 3.89 रुपये प्रति किलो महंगी

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली-NCR में CNG से वाहन चलाने वाले लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL ने CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़ी हुई कीमत लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में CNG का भाव 83.09 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलो हो गया है। कंपनी की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का सर्कुलर जारी किया गया है।

पिछले चार महीनों के दौरान दिल्ली-NCR में CNG के दाम पांचवीं बार बढ़ाए गए हैं। इस अवधि में CNG करीब 10 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर रोजाना CNG वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की जेब पर पड़ने की संभावना है। खासकर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों से रोजाना सफर करने वाले लोगों के परिवहन खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है।

IGL के मुताबिक, CNG की कीमत बढ़ाने के पीछे LNG की बढ़ती आयात लागत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी और CNG की बढ़ती मांग प्रमुख कारण हैं। कंपनी ने बताया कि CNG के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित LNG से पूरा किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमत बढ़ने से कंपनी की लागत पर भी दबाव बढ़ा है।

बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसका प्रभाव LNG की कीमतों और आयात लागत पर पड़ रहा है। इसी बढ़ी हुई लागत का असर अब घरेलू स्तर पर CNG की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है।

CNG महंगी होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। माल परिवहन की लागत बढ़ने से सब्जियों, फलों, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। खेती से जुड़े परिवहन और दूसरे लॉजिस्टिक खर्चों में बढ़ोतरी का असर भी आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।

पिछले कुछ महीनों में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बदलाव के बीच भारत में ईंधन और गैस की कीमतों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। CNG की कीमत में लगातार पांचवीं बढ़ोतरी से दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।

हालांकि IGL का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद CNG दूसरे ईंधनों की तुलना में उपभोक्ताओं के लिए किफायती विकल्प बनी हुई है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और आयात लागत में बदलाव को मौजूदा वृद्धि का प्रमुख आधार बताया है।