टीएमसी स्टोर में 50 लाख की चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के पाण्डोपारा स्थित टीएमसी कंपनी के झिलमिली साइड स्टोर में हुई करीब 50 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए तांबा, पीतल और कांसा धातु से निर्मित करीब 40 लाख रुपये के महंगे पार्ट्स बरामद किए हैं। आरोपियों के कब्जे से तीन तलवार, टॉर्च, मोबाइल और 1500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार घटना में शामिल अन्य आरोपियों और शेष चोरी के सामान की तलाश जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l थाना पटना क्षेत्र अंतर्गत पाण्डोपारा स्थित टीएमसी कंपनी के झिलमिली साइड स्टोर में हुई करीब 50 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए महंगे धातु निर्मित पार्ट्स का बड़ा हिस्सा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार चोरी की घटना 21 और 22 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात को अंजाम दी गई थी।
टीएमसी पण्डोपारा परियोजना में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत श्यामल मैती ने 24 अगस्त 2026 को थाना पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि झिलमिली साइड स्थित स्टोर से कोयला उत्खनन में उपयोग होने वाली मशीनों के तांबा, पीतल और कांसा धातु से निर्मित विभिन्न महंगे पार्ट्स चोरी हो गए हैं। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई थी। शिकायत पर थाना पटना में अपराध क्रमांक 228/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देश पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारियों आशा सेन और राजेश साहू के मार्गदर्शन में थाना पटना तथा साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच शुरू की। अज्ञात आरोपियों और चोरी गए सामान की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। संदिग्धों की पहचान होने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। सघन पूछताछ में पुलिस को चोरी की घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 21 और 22 अगस्त की दरम्यानी रात करीब नौ से दस लोगों के समूह में टीएमसी स्टोर को निशाना बनाया। आरोपियों ने स्टोर की छत की सीट उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और एसईसीएल की मशीनों में उपयोग होने वाले तांबा, पीतल और कांसा धातु से बने महंगे पार्ट्स चोरी कर लिए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरी गए सामान की मात्रा और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी पुलिस को मिली।
जांच के दौरान सामने आया कि चोरी करने के बाद आरोपियों ने सामान को एक दिन तक बड़सरा जंगल में छिपाकर रखा। इसके बाद चोरी किए गए पार्ट्स को चरचा निवासी कबाड़ी अब्दुल वासिब उर्फ गोलू को बेचने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार कबाड़ी द्वारा कुछ सामान अपने वाहन से ले जाकर घर में रखा गया था, जबकि चोरी के सामान का कुछ हिस्सा दूसरे कबाड़ी को बेच दिया गया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अब्दुल वासिब उर्फ गोलू के कब्जे से तांबा, पीतल और कांसा धातु से निर्मित करीब 40 लाख रुपये कीमत के महंगे पार्ट्स बरामद किए हैं। इसके साथ ही आरोपियों के पास से घटना के दौरान इस्तेमाल के लिए रखी गई तीन तलवार, टॉर्च, मोबाइल फोन और 1500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने चोरी किए गए धातु के पार्ट्स को बेचकर आर्थिक लाभ कमाने की योजना बनाई थी।
मामले में किशन कुमार, मंगलराम उर्फ गोलू, करन और अब्दुल वासिब उर्फ गोलू मियां को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को 27 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना पटना, चरचा और बैकुंठपुर क्षेत्रों में चोरी से संबंधित पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक चोरी गए आधे से अधिक सामान की बरामदगी की जा चुकी है। शेष चोरी के सामान की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। साथ ही घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने आमजन से अपील की है कि अपराध और चोरी की घटनाओं की रोकथाम में पुलिस को आम नागरिकों से मिलने वाली सूचना महत्वपूर्ण होती है। किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से संबंधित जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।