रायपुर की बदहाल सड़कों और नगर निगम की विफलता पर अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल, बोले टैक्स पूरा तो सुरक्षित सड़क अधूरी क्यों
रायपुर में बारिश के बाद जर्जर सड़कों, गड्ढों और जलभराव की समस्या को लेकर अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक नियमित रूप से संपत्ति कर, यूजर चार्ज और रोड सेस का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें खराब सड़कों और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शहर की सड़कों का गुणवत्तापूर्ण सुधार, घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में बारिश के बाद सड़कों की जर्जर स्थिति, जगह-जगह बने गड्ढों और जलभराव की समस्या को लेकर नगर निगम एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सड़कों की स्थिति में तत्काल सुधार की मांग की है।
अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस बयान में कहा कि रायपुर के नागरिक नियमित रूप से संपत्ति कर, यूजर चार्ज और रोड सेस सहित विभिन्न प्रकार के कर एवं शुल्क का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद शहर के अनेक हिस्सों में लोगों को टूटी सड़कों, गड्ढों और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख मार्गों के साथ ही रिहायशी कॉलोनियों और अंदरूनी इलाकों में भी सड़कें खराब स्थिति में हैं।
उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर डामरीकरण के कुछ ही समय बाद सड़कें खराब होने लगती हैं। उनके अनुसार, यदि सड़क निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए तो बारिश के बाद इतनी जल्दी सड़कें जर्जर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई।
अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित आवागमन के अधिकार का हवाला
अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने विधिक पहलू का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षित और सुगम आवागमन नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि सड़कों की खराब स्थिति और खुले गड्ढों के कारण नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गड्ढों में अस्थायी तौर पर गिट्टी और मलबा डालकर खानापूर्ति की जा रही है। बारिश के दौरान यह सामग्री बह जाने से सड़क की स्थिति फिर खराब हो जाती है। इससे वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
अधिवक्ता ने कहा कि स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को रोजाना खराब सड़कों एवं जलभराव के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सड़क सुधार को केवल सामान्य निर्माण कार्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जोड़कर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
सड़कों के गुणवत्तापूर्ण सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग
मनोज सिंह ठाकुर ने रायपुर शहर के मुख्य मार्गों के साथ अंदरूनी कॉलोनियों की सड़कों का भी निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार पक्का और गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों और निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उन्होंने जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की प्रभावी सफाई कराने की भी मांग की। उनके अनुसार बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने के लिए नालियों और ड्रेनेज व्यवस्था की नियमित सफाई के साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी काम किया जाना जरूरी है।
अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि नागरिकों से कर एवं विभिन्न शुल्क लेने के साथ प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने नगर निगम एवं प्रशासन से जनहित के इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेकर सड़कों की स्थिति सुधारने, जलभराव की समस्या का समाधान करने तथा सड़क निर्माण एवं रखरखाव में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।