दिल्ली संसद मार्च हिंसा मामला: 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, 6 FIR दर्ज; साजिश के एंगल की जांच तेज

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने 6 एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस का दावा है कि 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और 20 से ज्यादा पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए। मामले में कथित साजिश और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

Jul 22, 2026 - 15:24
 0  3
दिल्ली संसद मार्च हिंसा मामला: 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, 6 FIR दर्ज; साजिश के एंगल की जांच तेज

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक छह एफआईआर दर्ज की हैं और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध भौतिक, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही हिंसा के पीछे किसी कथित साजिश की संभावना की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, दर्ज एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और अन्य संबंधित थानों में दर्ज की गई हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने संबंधी कानून (Prevention of Damage to Public Property Act) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, एक एफआईआर कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई कथित हिंसा और पथराव की घटना से संबंधित है। वहीं अन्य मामलों में बिना अनुमति भीड़ एकत्र करने, संसद सत्र के दौरान ड्रोन उड़ाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य आरोपों की जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव किया, जिससे 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अलावा 20 से अधिक पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं से जुड़े सभी मामलों की जांच निष्पक्ष रूप से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ ऐसे साक्ष्य भी सामने आए हैं जिनके आधार पर हिंसा के पीछे किसी पूर्व नियोजित साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए अलग से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी संगठित योजना के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रमुख सरकारी भवनों, संवेदनशील इलाकों और महत्वपूर्ण चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। साथ ही बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है और वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी मामलों की जांच निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित तरीके से जारी है। उपलब्ध डिजिटल और भौतिक प्रमाणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।