जांजगीर-चांपा में दर्दनाक घटना: तरबूज और चिकन खाने के बाद नाबालिग की मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

जांजगीर-चांपा जिले के घुरकोट गांव में तरबूज और चिकन खाने के बाद 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे बीमार पड़ गए। सभी बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने लंबे समय तक कटे हुए तरबूज में संक्रमण की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

May 13, 2026 - 11:30
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जांजगीर-चांपा में दर्दनाक घटना: तरबूज और चिकन खाने के बाद नाबालिग की मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

UNITED NEWS OF ASIA हितेश पाण्डेय, जांजगीर चांपा l जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के घुरकोट गांव में तरबूज और चिकन खाने के बाद एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद गांव में चिंता और भय का माहौल है, वहीं पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।

मृतक की पहचान पोड़ी दलहा गांव निवासी अखिलेश धीवर (15) के रूप में हुई है। वहीं बीमार बच्चों में अवारिद गांव निवासी श्री धीवर (4), खटोला गांव निवासी पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे अपने मामा के घर घुरकोट गांव आए हुए थे।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम बच्चों ने पहले तरबूज खाया और बाद में रात में चिकन का सेवन किया। कुछ घंटों बाद देर रात सभी बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजन तुरंत बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान अखिलेश धीवर की मौत हो गई, जबकि अन्य बच्चों का इलाज जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में आशंका जताई है कि सुबह काटा गया तरबूज कई घंटों तक खुले में रखा हुआ था, जिससे उसमें संक्रमण हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक कटे हुए फल खुले वातावरण में रहने से बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति बन सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने घर में रखे तरबूज के बचे हुए टुकड़े को जांच के लिए भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी और मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

गांव के लोगों के मुताबिक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। परिजन सदमे में हैं और बच्चों की हालत को लेकर चिंतित बने हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खाने-पीने की चीजों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कटे हुए फल और पका हुआ भोजन लंबे समय तक खुले में रखने से संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को ताजा और सुरक्षित भोजन करने की सलाह दी है।

फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतक किशोर के परिवार में शोक का माहौल है और गांव के लोग घटना से स्तब्ध हैं l