आलीराजपुर में विभागीय योजनाओं की समीक्षा, सम्पतिया उइके ने नल-जल और छात्रावास व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश

आलीराजपुर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके ने नल-जल योजनाओं, छात्रावास व्यवस्थाओं, वन अधिकार पट्टों और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा के साथ योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।

May 11, 2026 - 12:21
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आलीराजपुर में विभागीय योजनाओं की समीक्षा, सम्पतिया उइके ने नल-जल और छात्रावास व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीन मुग़ल, आलीराजपुर l  आलीराजपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, जनजातीय कार्य विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता, समयसीमा और जनहित को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सम्पतिया उइके ने कहा कि जिन एकल नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें शीघ्र पंचायतों को हैंडओवर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में नल-जल योजना पूरी हो चुकी है, वहां जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

उन्होंने नवीन हैंडपंप खनन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां कलेक्टर की अनुमति के बाद जांच प्रक्रिया पूरी कर ही खनन कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए विभागों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

प्रभारी मंत्री ने जल निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी नल-जल परियोजनाएं वर्ष 2028 से पहले पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जहां इंटेकवॉल निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां नियमित निरीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में छात्रावास व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। सम्पतिया उइके ने कहा कि छात्रावासों में बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जो अधीक्षक एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण किया जाए। साथ ही ऐसे अधीक्षकों को प्राथमिकता देने की बात कही गई जो बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतों का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखें।

वन अधिकार पट्टों की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने पंचायत स्तर पर अभियान चलाकर लंबित मामलों की पुनः जांच करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बखतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित करने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया गया।

शिक्षा क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों पर खुशी जताते हुए सम्पतिया उइके ने कहा कि हाई और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में जिले का प्रदेश की टॉप-5 सूची में शामिल होना गौरव की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की सराहना की तथा आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक के अंत में स्व सहायता समूह द्वारा हस्तनिर्मित साड़ी प्रभारी मंत्री को भेंट की गई। बैठक में अनीता चौहान, नीतू माथुर, हजरी बाई खरत, संघमित्रा गौतम, प्रदीप पटेल, मनोज गरवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।