दल्लीराजहरा के सौरभ मित्तल बने डॉक्टर, मित्तल परिवार ने कायम की शिक्षा और सफलता की मिसाल

बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी सौरभ मित्तल ने डॉक्टर बनकर परिवार और नगर का नाम रोशन किया है। मित्तल परिवार के कई सदस्य पहले से चिकित्सा और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जिससे यह परिवार शिक्षा और संस्कार की मिसाल बन गया है।

May 11, 2026 - 12:13
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दल्लीराजहरा के सौरभ मित्तल बने डॉक्टर, मित्तल परिवार ने कायम की शिक्षा और सफलता की मिसाल

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर के युवा सौरभ मित्तल ने डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और नगर का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से पूरे मित्तल परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। नगरवासियों और शुभचिंतकों द्वारा लगातार उन्हें बधाइयां दी जा रही हैं। सौरभ की सफलता को लोग मेहनत, अनुशासन और पारिवारिक संस्कारों की बड़ी जीत मान रहे हैं।

दल्लीराजहरा में मित्तल परिवार को लंबे समय से शिक्षा और संस्कारों के लिए जाना जाता है। परिवार ने हमेशा बच्चों की पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास को प्राथमिकता दी है। यही कारण है कि परिवार के कई सदस्य आज विभिन्न प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सौरभ मित्तल के डॉक्टर बनने के बाद परिवार के चार सदस्य अब तक चिकित्सा क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। इसके अलावा परिवार की एक बेटी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत है, जबकि दूसरी बेटी मेडिकल कॉलेज में अध्ययन कर रही है।

सौरभ मित्तल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कई चुनौतियां आईं, लेकिन परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। सौरभ ने कहा कि डॉक्टर बनना उनका सपना था और अब वे समाज सेवा तथा मानवता की सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य मानते हैं।

माता सीमा मित्तल और पिता दीपक मित्तल ने बच्चों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण को इस सफलता का सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार देना ही माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। परिवार ने हमेशा बच्चों को मेहनत और ईमानदारी का रास्ता अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वहीं बड़े भाई सार्थक मित्तल ने कहा कि सौरभ की यह सफलता केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष, विश्वास और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि परिवार में हमेशा सकारात्मक माहौल और शिक्षा को महत्व दिया गया, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।

सौरभ मित्तल की उपलब्धि के बाद दल्लीराजहरा नगर में भी खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मित्तल परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह परिवार समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। लोगों का मानना है कि यदि परिवार में शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों को महत्व दिया जाए, तो सफलता निश्चित रूप से हासिल की जा सकती है।

सौरभ मित्तल की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो मेहनत और लगन के दम पर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।