शिविर के समापन के बाद 12 मार्च से 22 मार्च तक रतलाम के प्रसिद्ध स्थल Gulab Chakkar Ratlam पर 11 दिवसीय नि:शुल्क इंटिग्रेटेड योग शिविर “योग अनुनाद” का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें शहर के नागरिकों को योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी जाएगी।
शिविर के 24वें सत्र को संबोधित करते हुए युवा भारत के राज्य प्रभारी Prem Poonia ने योग, आयुर्वेद और स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाने का माध्यम है। उन्होंने संगठनात्मक दिशा-निर्देश देते हुए जिला समितियों के गठन और नियमित मासिक बैठकों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
प्रेम पुनिया ने नव प्रशिक्षित योग शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नगर और आसपास के क्षेत्रों में योग कक्षाओं और शिविरों का नियमित संचालन करें, ताकि अधिक से अधिक लोग योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी चिकित्सा पद्धति का प्रचार-प्रसार वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
मंगलवार को आयोजित सत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण भी देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु Lord Rama और Hanuman की भक्ति के साथ की गई। इस अवसर पर महंत Govindacharya, वरिष्ठ समाजसेवी Surendra Surekha, Janak Nagal और Suresh Tanwar का अतिथि सम्मान पत्र भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में Vishal Kumar Verma, Apar Upadhyay, Rajesh Dhakad और Manish Vaishnav सहित कई योग सेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन विशाल कुमार वर्मा द्वारा किया गया।
आयोजकों के अनुसार आगामी “योग अनुनाद” शिविर में शहर के अधिक से अधिक नागरिकों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस शिविर का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
रतलाम में लगातार आयोजित हो रहे ऐसे योग शिविर न केवल लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं, बल्कि समाज में योग और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहे हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पहल से शहर के अधिक से अधिक लोग जुड़ेंगे और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे।