बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, रायपुर ने किया मीडिया इंटरैक्शन: आईवीएफ और इनफर्टिलिटी मिथकों पर प्रकाश
बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, रायपुर ने मीडिया इंटरैक्शन में आईवीएफ और इनफर्टिलिटी से जुड़ी भ्रांतियों पर चर्चा की। डॉ. नमिता चंद्रा वर्मा ने सुरक्षित आईवीएफ प्रक्रिया, उच्च सफलता दर और निःशुल्क परामर्श शिविर की जानकारी साझा की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ सेंटर, रायपुर ने आज मीडिया इंटरैक्शन का आयोजन किया, जिसमें इनफर्टिलिटी और आईवीएफ से जुड़े मिथकों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर सेंटर की ऑब्स्टेट्रिशियन एवं इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ, डॉ. नमिता चंद्रा वर्मा ने आईवीएफ प्रक्रिया और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी।
डॉ. वर्मा ने बताया कि आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक सुरक्षित सहायक प्रजनन तकनीक है, जिसमें अंडाणु और शुक्राणु को शरीर के बाहर नियंत्रित माहौल में मिलाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईवीएफ से जन्मे बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होते हैं और आधुनिक जेनेटिक टेस्टिंग से भ्रूण में गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
सेंटर में हर मरीज के लिए पर्सनलाइज्ड इलाज योजना बनाई जाती है। रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हर महीने 4-5 निःशुल्क परामर्श शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचे।
डॉ. वर्मा ने कहा,
“महिलाओं की प्रजनन क्षमता उम्र के साथ घटती है। बेहतर होगा कि 35 साल की उम्र से पहले ही परामर्श लिया जाए, हालांकि आधुनिक जेनेटिक टेस्टिंग से बाद में भी सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।”
उन्होंने 40 वर्षीय महिला के कठिन केस का उदाहरण भी साझा किया, जिसमें महिला ने अपने अंडाणु से सफल गर्भधारण किया और उनकी डिलीवरी अगले महीने होने वाली है।
बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ देशभर में 50 से अधिक सेंटर संचालित करता है और रायपुर सेंटर यहां के दंपत्तियों को विश्वस्तरीय तकनीक और संवेदनशील देखभाल के साथ माता-पिता बनने का सपना पूरा करने में मदद कर रहा है।