कबीरधाम में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण, राज्य सलाहकार ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत अभियान के तहत चल रहे ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का राज्य सलाहकार अभिलाषा आनंद ने निरीक्षण किया। उन्होंने चयनित ग्राम पंचायतों में कचरा पृथक्करण, एफएसटीपी ट्रीटमेंट प्लांट और सेग्रीगेशन शेड का जायजा लेते हुए स्वच्छता एवं वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन पर जोर दिया।

Jul 26, 2026 - 16:00
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कबीरधाम में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण, राज्य सलाहकार ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत संचालित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण करने राज्य सलाहकार अभिलाषा आनंद ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत चयनित ग्राम पंचायत धरमपुरा, रुसे और सारंगपुरकला में संचालित कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) और सेग्रीगेशन शेड की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अभिलाषा आनंद ने ग्राम पंचायतों में स्थापित सेग्रीगेशन शेड का अवलोकन किया। उन्होंने वहां सूखा, गीला, लाल और काला कचरा अलग-अलग रखने की व्यवस्था की समीक्षा की तथा वैज्ञानिक तरीके से कचरे के पृथक्करण और प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण स्वच्छता अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव हो सकेगा।

राज्य सलाहकार ने कचरा संग्रहण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और कहा कि विभिन्न प्रकार के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किए जाने से गांवों में स्वच्छता बेहतर होगी। साथ ही पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के माध्यम से स्व-सहायता समूहों और कचरा संग्रहण कार्य से जुड़ी महिलाओं के लिए यह आजीविका का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है।

निरीक्षण के दौरान अभिलाषा आनंद ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं, स्वच्छाग्राहियों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने सभी को सर्वोच्च न्यायालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप घर-घर से निकलने वाले कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक परिवार अपने स्तर पर सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करेगा, तभी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पूरी तरह प्रभावी बन सकेगी।

उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कचरे का सही तरीके से निपटान केवल गांवों को स्वच्छ बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होते हैं। साथ ही कचरे के पुनर्चक्रण से रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होते हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और आजीविका का यह मॉडल ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है।

राज्य सलाहकार ने सभी ग्रामवासियों से स्वच्छ भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और घर-घर कचरा पृथक्करण की आदत विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के बिना स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव की कल्पना संभव नहीं है। प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान दे और स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करे।

निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत अभियान की जिला सलाहकार स्वाति शुक्ला, संबंधित विभागों के मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने जिले में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को सफलतापूर्वक संचालित करने का संकल्प दोहराया। जिला प्रशासन का उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए कबीरधाम को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जागरूक जिले के रूप में विकसित करना है।