‘दिया तले अंधेरा’: कुसमी में लाखों का सामुदायिक शौचालय बना तबेला, जिम्मेदार बेखबर

बलरामपुर जिले के कुसमी में 4.40 लाख की लागत से बना सामुदायिक शौचालय बदहाल स्थिति में है। देखरेख के अभाव में यह शौचालय अब मवेशियों का ठिकाना बन गया है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मामले से अनजान हैं।

Mar 25, 2026 - 13:56
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‘दिया तले अंधेरा’: कुसमी में लाखों का सामुदायिक शौचालय बना तबेला, जिम्मेदार बेखबर

UNITED NEWS OF ASIA.  दिया तले अंधेरा” वाली कहावत कुसमी जनपद पंचायत में पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है। विकास और स्वच्छता के बड़े-बड़े दावों के बीच जनपद कार्यालय के ठीक बगल में स्थित ग्राम सेमरा का सामुदायिक शौचालय बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। करीब 4 लाख 40 हजार रुपये की लागत से बना यह शौचालय आज लोगों की सुविधा के बजाय मवेशियों का ठिकाना बन चुका है।

जानकारी के अनुसार, इस शौचालय का निर्माण वर्ष 2023 में किया गया था, ताकि दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी तरह बेकार हो गया है। शौचालय के अंदर गंदगी का अंबार लगा है और वहां से उठने वाली बदबू से आसपास के लोग परेशान हैं।

स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब शौचालय में मवेशियों का डेरा है। स्वच्छता अभियान के तहत बनाई गई यह सुविधा आज ‘गौशाला’ में तब्दील हो चुकी है। जनपद कार्यालय के पास होने के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ना कई सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यहां आने वाले लोगों को आज भी शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी आम जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जब इस पूरे मामले में जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ अभिषेक पांडे से बात की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी ही नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी का यह बयान प्रशासनिक लापरवाही और जमीनी हकीकत से दूरी को उजागर करता है।

यह मामला न सिर्फ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि निगरानी और जवाबदेही के अभाव में कैसे जनहित के कार्य बेकार साबित हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कब संज्ञान लेता है और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।