इस पहल के तहत ग्राम हरमो की निवासी भारती साहू को 2 लाख रुपए तथा ग्राम चिल्फी की रंजना झारिया को 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह राशि चेक के माध्यम से दी गई। इस दौरान नरेन्द्र मानिकपुरी, अमर कुर्रे, ओमकार साहू, लोकचंद साहू और मिलू साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर आर्थिक तंगी के कारण छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है। ऐसे में इस प्रकार की सहायता उनके लिए नई उम्मीद लेकर आती है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि समय पर सहयोग मिले, तो कोई भी छात्रा अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेगी।
रंजना झारिया की कहानी इस पहल की सार्थकता को बखूबी दर्शाती है। उन्होंने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी। घर की जिम्मेदारियों के चलते उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई थी। आगे की शिक्षा जारी रखना उनके लिए मुश्किल हो गया था।
रंजना ने बताया कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं, तो उन्होंने उनसे संपर्क किया और अपनी समस्या साझा की। उनकी स्थिति को समझते हुए तुरंत 25 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। इस मदद से रंजना अब अपनी नर्सिंग की पढ़ाई दोबारा शुरू कर सकेंगी।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि यह सहायता उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। इस सहयोग ने उन्हें फिर से अपने सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास दिया है। रंजना ने उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आई है और अब वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए पूरी मेहनत करेंगी।
वहीं, भारती साहू को दी गई 2 लाख रुपए की सहायता भी उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी। इस प्रकार की पहल से यह स्पष्ट होता है कि शासन-प्रशासन यदि संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक भी मदद पहुंचाई जा सकती है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की यह पहल कबीरधाम जिले में बेटियों की शिक्षा को नई दिशा देने का काम करेगी। इससे न केवल छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनेगा। यह कदम इस बात का संदेश देता है कि बेटियों की शिक्षा में किया गया निवेश, समाज और देश के भविष्य को मजबूत बनाता है।