नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ‘राष्ट्र प्रथम यात्रा’; पेंड्रा से जिल्दा तक निकलेगी ऐतिहासिक पदयात्रा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में ‘राष्ट्र प्रथम यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा वनांचल क्षेत्रों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और धर्मांतरण के विरुद्ध जनचेतना का संदेश देगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, गौरेला–पेंड्रा–मरवाही। भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जिले में ‘राष्ट्र प्रथम यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक पदयात्रा 22 जनवरी 2026 को पेंड्रा के दुर्गा चौक से प्रारंभ होकर जिल्दा ग्राम में संपन्न होगी। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना, समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करना तथा वनांचल क्षेत्रों में चल रहे धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण करना है।
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज को सही दिशा देने वाला वैचारिक अभियान है। इसमें युवा शक्ति के उत्साह और वरिष्ठजनों के अनुभव का समन्वय कर नई राष्ट्र चेतना का संकल्प लिया जाएगा। समाज के सभी वर्गों को जोड़ते हुए यह यात्रा राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संदेश देगी।
वनांचल क्षेत्रों में जागरूकता का लक्ष्य
राष्ट्र प्रथम यात्रा का विशेष फोकस वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा, जहां सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता महसूस की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्र के मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। यात्रा के माध्यम से लोगों को धर्मांतरण के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए जागरूक किया जाएगा।
जिल्दा ग्राम और नेताजी की ऐतिहासिक स्मृतियाँ
यह जिले के लिए गौरव का विषय है कि जिल्दा ग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा एक ऐतिहासिक स्थल स्थित है, जहां स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने समय व्यतीत किया था। जिल्दा में स्थापित नेताजी की प्रतिमा आज भी युवाओं को साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती है। इसी ऐतिहासिक विरासत को नमन करते हुए यात्रा का समापन जिल्दा ग्राम में किया जाएगा।
आयोजन और सहयोग
इस पदयात्रा का आयोजन सुभाष चंद्र बोस विचार मंच, जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही द्वारा किया जा रहा है। यात्रा के संयोजक जनार्दन प्रसाद श्रीवास हैं। इसे कृष्णप्रपन्नाचार्य, परमात्मानंद महाराज एवं हर्ष छाबड़िया का संरक्षण प्राप्त है। यात्रा प्रभारी संदीप सिंघाई एवं सह प्रभारी श्रीकांत ताम्रकार के नेतृत्व में तैयारियाँ की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद सहित विभिन्न हिंदू संगठनों का सक्रिय सहयोग रहेगा।
आयोजकों की अपील
आयोजन समिति ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस राष्ट्र प्रथम यात्रा में सहभागी बनें, नेताजी के विचारों को आत्मसात करें और राष्ट्रहित, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक चेतना के इस अभियान को सफल बनाएं।