अतरिया में दर्दनाक हादसा: मोटर हटाते समय करंट की चपेट में आए दंपति, दोनों की मौत
मंडला जिले के अतरिया गांव में थावर नदी में मोटर हटाते समय करंट फैलने से पति–पत्नी की मौत हो गई। तकनीकी खराबी के चलते पानी में करंट आया और दोनों इसकी चपेट में आ गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज, मंडला | जिले के नैनपुर तहसील क्षेत्र में बुधवार की अलसुबह एक हृदय विदारक हादसा सामने आया जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। पिंडरई पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम अतरिया निवासी राधे मर्सकोले (36) और उनकी पत्नी सीमा मर्सकोले (30) की थावर नदी में करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दंपति सुबह नदी में लगी मोटर और मशीन को हटाने का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक पानी में करंट फैल गया और दोनों उसकी चपेट में आ गए।
जानकारी के अनुसार राधे मर्सकोले सबसे पहले नदी में उतरे थे और मोटर निकालने की कोशिश कर रहे थे। उसी समय बिजली आपूर्ति से जुड़ी मशीनरी में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इससे तेज करंट पूरे पानी में फैल गया और राधे उसकी चपेट में आकर तड़पने लगे। पति को संकट में देखकर पत्नी सीमा मर्सकोले समझ नहीं सकीं कि करंट फैला है, और उन्हें बचाने के लिए दौड़कर नदी की ओर बढ़ीं। लेकिन जैसे ही उन्होंने पानी को छुआ, करंट ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना इतनी अचानक घटी कि आसपास मौजूद ग्रामीण कुछ समझ ही नहीं पाए। ग्रामीणों ने तुरंत पिंडरई चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी राजकुमार हिरकने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया तथा दोनों शवों को नैनपुर अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। करंट के स्रोत, विद्युत संपर्क, और तकनीकी खराबी के कारणों को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।
इस दुखद घटना ने मर्सकोले परिवार को पूरी तरह से टूटकर रख दिया है। पति–पत्नी दोनों के एक साथ चले जाने से परिवार के बच्चों, परिजनों और रिश्तेदारों में मातम छा गया है। गांव के लोग बता रहे हैं कि राधे और सीमा अपने परिवार की आर्थिक एवं भावनात्मक रीढ़ थे, और उनकी अचानक मृत्यु से परिवार का सहारा छिन गया है। गांव में गहरा शोक व्याप्त है और समाज के लोग लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे नदी किनारे बिजली से चलने वाली मोटरों और मशीनरी में सुरक्षा उपायों का अभाव अक्सर हादसों का कारण बन जाता है। कई बार बिना सुरक्षा कनेक्शन के बिजली का उपयोग किया जाता है, जिससे करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी और सिंचाई क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लागू करने और नियमित जांच की व्यवस्था करने की मांग भी की है।
अतरिया गांव में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। परिवार के साथ-साथ पूरा गांव सदमे में है और लोग लगातार मर्सकोले परिवार को ढांढस देने पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और करंट फैलने के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।