डोंगरगढ़ में नक्सल पीड़ित की दुकान बिना नोटिस सील, अब करेंगे सीएम हाउस का घेराव
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में नक्सल पीड़ित धीरेंद्र साहू की दुकान को नगर पालिका ने बिना नोटिस दिए सील कर दिया, जिसके विरोध में उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है। धीरेंद्र ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी दुकान का सील नहीं खोला गया और मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे 10 नवंबर को नक्सल पीड़ित परिवारों के साथ सीएम हाउस का घेराव करेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिष अग्रवाल, राजनांदगांव | डोंगरगढ़ में नक्सल पीड़ित परिवार की दुकान को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सील किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित धीरेंद्र साहू ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
धीरेंद्र साहू ने शुक्रवार को राजनांदगांव कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा उनकी दुकान को बिना किसी कारण या पूर्व नोटिस दिए अचानक सील कर दिया गया, जिससे उनके परिवार की आजीविका पूरी तरह से ठप हो गई है।
पीड़ित धीरेंद्र साहू ने अपनी शिकायत में कहा कि वे नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवार से आते हैं और अपनी जीविका के लिए वर्षों से दुकान चला रहे थे। अचानक दुकान सील किए जाने से उनका व्यापार बंद हो गया है और उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए और मुख्य नगर पालिका अधिकारी डोंगरगढ़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
धीरेंद्र ने कहा कि जिस प्रकार से प्रशासन ने बिना किसी लिखित नोटिस या चेतावनी के दुकान को सील किया, वह कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल उनकी दुकान का सील खोला जाए और जितने दिन दुकान बंद रही है, उसका मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी, तो वे आने वाले 10 नवंबर को सभी नक्सल पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर रायपुर स्थित सीएम हाउस का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए है जिन्हें अब भी न्याय नहीं मिला है।
इस पूरे मामले को लेकर अब डोंगरगढ़ और राजनांदगांव प्रशासन के सामने जवाबदेही का सवाल खड़ा हो गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने वाले इन परिवारों के प्रति प्रशासन के रवैये को लेकर आमजन में भी नाराजगी देखी जा रही है।
फिलहाल, जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है, जबकि धीरेंद्र साहू अपने आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।