गिनी के कोनाक्री में भारी बारिश से कचरे का पहाड़ धंसा, 30 लोगों की मौत, मलबे में दबीं कई झोपड़ियां

गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद दार एस सलाम इलाके के बड़े लैंडफिल में कचरे का विशाल ढेर ढह गया। हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते खोज और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने की बात कही है।

Aug 24, 2026 - 10:54
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गिनी के कोनाक्री में भारी बारिश से कचरे का पहाड़ धंसा, 30 लोगों की मौत, मलबे में दबीं कई झोपड़ियां

UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद कचरे का विशाल ढेर ढहने से बड़ा हादसा हो गया। शहर के सबसे बड़े लैंडफिल में रविवार तड़के कचरे का पहाड़ अचानक खिसक गया और उसका मलबा आसपास बनी कई झोपड़ियों पर जा गिरा। इस हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

अधिकारियों के अनुसार रविवार सुबह करीब दो बजे से इलाके में भारी बारिश शुरू हुई थी। लगातार बारिश के कारण बड़ी मात्रा में पानी कचरे के विशाल ढेर के ऊपर जमा होने लगा। पानी के दबाव और कचरे तथा मिट्टी के अस्थिर होने के कारण लैंडफिल का एक बड़ा हिस्सा अचानक खिसक गया। देखते ही देखते मलबा आसपास के रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच गया और वहां बनी झोपड़ियां उसकी चपेट में आ गईं।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे में घायल छह लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए अभियान लगातार जारी रखा जा रहा है।

यह हादसा ऐसे इलाके में हुआ जहां लंबे समय से बड़ी मात्रा में कचरा जमा किया जा रहा था। भारी बारिश के कारण कचरे के बड़े ढेर के खिसकने से आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया। प्रशासन की ओर से पहले भी लैंडफिल के आसपास रहने वाले लोगों को क्षेत्र खाली करने के नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्ड मामादो बैलो के अनुसार लैंडफिल के आसपास रहने वाले लोगों को पहले ही स्थान खाली करने की सूचना दी गई थी। इसके बाद कई परिवार वहां से दूसरी जगह चले गए थे, लेकिन हादसे के समय भी कुछ लोग इलाके में मौजूद थे। अचानक हुए मलबे के खिसकने से ये लोग इसकी चपेट में आ गए।

हादसे के बाद क्षेत्रीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। क्षेत्रीय प्रशासन एवं विकेंद्रीकरण मंत्री डिएनाबू टूरे ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लैंडफिल क्षेत्र में अब भी रह रहे परिवारों को दूसरी सुरक्षित जगह पर बसाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में जान का जोखिम कम किया जा सके।

कचरे के पहाड़ के ढहने की इस घटना ने लैंडफिल के आसपास अनियोजित बस्तियों और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन के सामने अब मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चुनौती है। फिलहाल राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है।