अलग-अलग ऐप इस्तेमाल करने की वजह से महीने के अंत में पूरे खर्च का हिसाब देखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हर ऐप की पेमेंट हिस्ट्री अलग-अलग चेक करनी पड़ती है। ऐसे में अगर आप अपने UPI ट्रांजैक्शन को एक जगह देखना चाहते हैं, तो NPCI की UPI सर्विस से जुड़ी सुविधा आपके काम आ सकती है।
इस प्रक्रिया के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल में Paytm ऐप खोलें। ऐप खुलने के बाद प्रोफाइल सेक्शन में जाएं। आमतौर पर प्रोफाइल फोटो या प्रोफाइल आइकन स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में दिखाई देता है। इस पर टैप करने के बाद UPI और पेमेंट से जुड़ी सेटिंग्स वाले सेक्शन में जाना होगा।
इसके बाद UPI & Payment Settings का विकल्प दिखाई दे सकता है। इस विकल्प को खोलने के बाद UPI से संबंधित अन्य सेटिंग्स और सुविधाएं दिखाई देंगी। यहां नीचे की तरफ स्क्रॉल करने पर UPI Help का विकल्प मिल सकता है। इसे चुनने के बाद संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
UPI Help पर टैप करने के बाद आपको ब्राउजर के जरिए संबंधित NPCI पेज पर भेजा जा सकता है। यहां आपको अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें UPI ID या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मांगा जा सकता है। जानकारी दर्ज करने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा पूरा करना होगा।
इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जा सकता है। प्राप्त OTP को निर्धारित स्थान पर दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। सफल वेरिफिकेशन के बाद Transaction History से संबंधित विकल्प दिखाई दे सकता है। यहां से UPI ट्रांजैक्शन की जानकारी देखने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
कुछ मामलों में बैंक खाते के आखिरी चार अंक दर्ज करके अतिरिक्त वेरिफिकेशन करना पड़ सकता है। बैंक खाते से जुड़ी सही जानकारी दर्ज करने के बाद Continue विकल्प के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। वेरिफिकेशन सफल होने पर उपलब्ध UPI ट्रांजैक्शन की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई दे सकती है।
इस सुविधा का फायदा खास तौर पर उन लोगों को हो सकता है जो एक से ज्यादा UPI ऐप के जरिए भुगतान करते हैं। अलग-अलग ऐप की हिस्ट्री बार-बार देखने के बजाय उपलब्ध जानकारी को एक जगह देखना उनके लिए सुविधाजनक हो सकता है। इससे महीने में किए गए डिजिटल भुगतान और खर्च को समझने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि UPI सर्विस और ऐप के इंटरफेस में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रक्रिया के दौरान केवल आधिकारिक और भरोसेमंद पेज पर ही अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज करें। OTP, UPI PIN, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही किसी संदिग्ध लिंक से बैंकिंग या UPI वेरिफिकेशन करने से बचना जरूरी है।