मनेंद्रगढ़ महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट संस्थानों में करेंगे विकसित: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मनेंद्रगढ़ के शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में NEP-2020 के तहत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट शासकीय संस्थानों में विकसित करने की बात कही। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय में नए विषयों की शुरुआत, अधोसंरचना विकास और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं पर चर्चा हुई।

Aug 24, 2026 - 13:04
 0  2
मनेंद्रगढ़ महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट संस्थानों में करेंगे विकसित: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

UNITED NEWS OF ASIA. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सत्र 2026-27 में शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मनेंद्रगढ़ महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट शासकीय महाविद्यालयों की श्रेणी में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं ने राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति दी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती ने अतिथियों और नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस सत्र से महाविद्यालय में हिन्दी साहित्य, इतिहास और प्राणीशास्त्र तीन नए विषय शुरू किए गए हैं। पहले से संचालित चार विषयों को मिलाकर अब विद्यार्थियों को कुल सात विषयों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध हो गई है।

प्राचार्य ने महाविद्यालय की आवश्यक अधोसंरचना को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बाउंड्रीवाल, नवीन कक्ष, स्टेज और ऑडिटोरियम सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण की जरूरत बताई और विकास कार्यों के लिए सहयोग का आग्रह किया।

कार्यक्रम में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाविद्यालय का समय केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने कहा कि NEP-2020 शिक्षा को विद्यार्थी-केंद्रित, कौशल आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक, कौशल, नवाचार और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ लगातार प्रगति कर रहा है। विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि हो रही है। सरकार का प्रयास है कि इस महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट शासकीय महाविद्यालयों में शामिल किया जाए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावसायिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए। इसी दिशा में मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज, चिरमिरी में हॉर्टिकल्चर और पॉलिटेक्निक कॉलेज, मनेंद्रगढ़ में फिजियोथेरेपी, झगराखांड में नर्सिंग और खड़गवां में कृषि कॉलेज जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में महाविद्यालय के विकास के लिए लगभग 1 करोड़ 15 लाख रुपये के कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल, अधूरे स्टेज की छत तथा महिला और पुरुष प्रसाधन कक्ष के निर्माण की घोषणा की गई। ऑडिटोरियम के लिए भी आवश्यक पहल करने की बात कही गई।

विद्यार्थियों को गुरु के महत्व का संदेश देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कबीरदास के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख किया और कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों का सम्मान करते हुए उनके मार्गदर्शन से आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने और आधुनिक तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का विकास करना भी है। युवा ही विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं।