सौंसर में अवैध प्लॉटिंग की खबर जुटा रहे पत्रकारों को धमकी, पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
पांढुर्णा जिले के सौंसर क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग से जुड़ी जानकारी जुटाने और खबरें प्रकाशित करने वाले तीन स्थानीय पत्रकारों को कथित तौर पर फोन और मौखिक रूप से धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकारों ने पुलिस से सुरक्षा और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार धमकी देने वाले व्यक्ति का संबंध गिरिराज बिल्डर से बताया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू ख़ान, सौसर l पांढुर्णा जिले के सौंसर क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग से जुड़ी जानकारी जुटाने और खबरें प्रकाशित करने वाले स्थानीय पत्रकारों को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन पत्रकारों को फोन और मौखिक रूप से डराने-धमकाने के साथ गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। घटना के बाद पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार 22 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12 बजकर 3 मिनट पर आकाश ठवरे नामक व्यक्ति ने मिराज भारत और DA News से जुड़े रिपोर्टर पत्रकार ओम सिंह ठाकुर को फोन किया। शिकायत के अनुसार फोन पर कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पत्रकार को प्लॉटिंग से संबंधित खबरें प्रकाशित करने पर धमकी दी गई। आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने प्लॉटिंग के खिलाफ लिखने से बचने और आपसी बातचीत के माध्यम से मामला सुलझाने की बात कही तथा कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
शिकायत के मुताबिक इसी मामले में दैनिक आम सभा से जुड़े पत्रकार रिंटू खान को भी कथित रूप से धमकी दी गई। इसके अलावा जाम क्षेत्र के पास चल रही प्लॉटिंग से संबंधित जानकारी तहसील कार्यालय से जुटा रहे पत्रकार राजू शिंदे को भी मौखिक रूप से धमकी दिए जाने का आरोप है। तीनों पत्रकारों का कहना है कि वे अवैध प्लॉटिंग से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी जुटाकर पत्रकारिता के माध्यम से मामले को सामने लाने का काम कर रहे थे।
सूत्रों और शिकायत में सामने आई जानकारी के अनुसार धमकी देने वाले व्यक्ति का संबंध गिरिराज बिल्डर से बताया जा रहा है। सौंसर क्षेत्र में इस बिल्डर से जुड़ी प्लॉटिंग गतिविधियों को लेकर पहले से चर्चा और शिकायतें होने की बात कही गई है। हालांकि अवैध प्लॉटिंग और धमकी से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी अवैध गतिविधि की जानकारी जुटाने या उसे सार्वजनिक करने पर पत्रकारों को धमकाया जाएगा, तो यह पत्रकारिता की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि पत्रकारों का काम जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाना है और किसी भी दबाव या धमकी के कारण वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे।
शिकायतकर्ता पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि अवैध गतिविधियों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाना उनका पेशेवर दायित्व है और इसके लिए उन्हें किसी प्रकार के दबाव का सामना नहीं करना चाहिए।
बताया गया है कि आरोपी आकाश ठवरे पूर्व में किसी आपराधिक मामले में जेल जा चुका है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुलिस पुष्टि सामने आना बाकी है। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर है। पत्रकारों को उम्मीद है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।