छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 काउंसलिंग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा बयान, फर्जी जानकारी पर प्रवेश होगा निरस्त

छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मेडिकल प्रवेश में प्रदेश के विद्यार्थियों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। NEET UG 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग में मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। गलत या फर्जी जानकारी देकर प्रवेश लेने पर नियमानुसार प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने और अधिकृत पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

Aug 24, 2026 - 10:06
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छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 काउंसलिंग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा बयान, फर्जी जानकारी पर प्रवेश होगा निरस्त

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के विद्यार्थियों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों में बढ़ोतरी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सीटों का लाभ नियमों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को ही मिले।

मंत्री ने कहा कि डोमिसाइल यानी मूल निवासी प्रमाण पत्र को लेकर यदि किसी प्रकार की शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। प्रवेश व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाया गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही हैं, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नियमों का उल्लंघन या किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश के लिए कड़ी मेहनत की है और उनके भविष्य तथा अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेजों और सीटों में वृद्धि तभी सार्थक होगी, जब उसका लाभ पात्र विद्यार्थियों को मिले। प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति की ओर से NEET UG प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी पंजीयन, मेरिट, प्राथमिकता क्रम, सीट आवंटन और प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच की व्यवस्था की गई है।

छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा स्नातक प्रवेश नियम 2025 के नियम 7 के अनुसार ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम का निर्धारण, सीट आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा और प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है। पात्रता परीक्षण के दौरान अभ्यर्थियों के मूल निवासी प्रमाण पत्र, श्रेणी या संवर्ग संबंधी प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थी को आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन में अभ्यर्थी पात्र पाए जाने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण माना जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि काउंसलिंग में केवल नियमों के अनुरूप पात्र अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिले।

प्रवेश नियमों के नियम 12 में गलत या झूठी जानकारी के आधार पर प्राप्त प्रवेश को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। यदि कोई अभ्यर्थी गलत जानकारी देकर, महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर या किसी त्रुटि अथवा चूक के कारण प्रवेश प्राप्त करता है और बाद में यह तथ्य सामने आता है, तो नियमानुसार उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। मूल निवासी प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेजों को लेकर शिकायत मिलने पर भी नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे काउंसलिंग से संबंधित किसी भी अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। किसी समस्या, शंका या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल के Candidate Login में उपलब्ध “Candidates Grievances and Query Redressal System” के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

समिति ने अभ्यर्थियों को काउंसलिंग शाखा के आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भी अपनी समस्या रखने की सुविधा दी है। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत माध्यमों पर भरोसा करें और दस्तावेज सत्यापन के दौरान सभी मूल प्रमाण पत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करें।