मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया भगवान शिव का रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संगम बताते हुए शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं।

Aug 24, 2026 - 10:03
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया भगवान शिव का रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में आयोजित कांवड़ यात्रा आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा करते हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को दर्शाती है।

गुढ़ियारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। कांवड़ियों के जयघोष और भगवान शिव की भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय नजर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।

मुख्यमंत्री ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव घाट स्थित यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है और श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध लोक संस्कृति के साथ-साथ अपनी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ शामिल होते हैं, जिससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेष पहचान है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इससे धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कामना की कि महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे तथा हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मीनल चौबे सहित निगम-मंडलों के अध्यक्ष, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।