बांग्लादेश में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में सामने आई कई बातें
बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के बारे में बताया गया कि वे परिवार के घर की छत पर नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे, जिसके बाद परिवार के सदस्यों से विवाद हुआ। पुलिस मामले की जांच करते हुए हत्या के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद पुलिस की जांच में सामने आए विवरण ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
बताया गया कि परिवार की हत्या 20 अगस्त 2026 की रात हुई थी, जबकि उनके शव 22 अगस्त की देर रात घर से बरामद किए गए। घर का मुख्य दरवाजा बंद था। जब परिजनों ने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर के भीतर जांच शुरू की।
मामले में पुलिस ने रंगपुर के माचुआपारा इलाके में रहने वाले 23 वर्षीय सिद्धार्थ दास और 19 वर्षीय मुग्धा दास को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों युवक परिवार के घर की छत पर बैठकर याबा नामक नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे। परिवार के सदस्यों ने उन्हें देख लिया और रोकने की कोशिश की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार सबसे पहले परिवार के मुखिया गणपति छत पर पहुंचे और वहां मौजूद युवकों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। आरोपियों को कथित तौर पर अपनी पहचान सामने आने का डर था। पुलिस का कहना है कि इसी कारण उन्होंने गणपति पर हमला किया। इसके बाद उनकी पत्नी प्रीतिलता भी मौके पर पहुंचीं और पुलिस के अनुसार सीढ़ियों के पास उन पर भी हमला किया गया। परिवार की बेटी और 12 वर्षीय बेटे की भी हत्या किए जाने की बात सामने आई है। बेटे प्रियम का शव घर के भीतर बिस्तर के नीचे मिला।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि घटना के बाद आरोपी तुरंत घर से नहीं निकले। पुलिस के मुताबिक वे कुछ समय तक घर के अंदर ही रहे। आरोपियों द्वारा घर में नहाने और वहां रखे खाने का सेवन करने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने परिवार के मोबाइल फोन से अपनी पहचान से जुड़े संभावित साक्ष्यों को हटाने का प्रयास किया। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
परिजनों के अनुसार परिवार का किसी के साथ कोई पुराना विवाद या दुश्मनी नहीं थी। परिवार ने दासपाड़ा में नया घर बनाया था और वहीं रह रहा था। मृतक गणपति की बेटी आगमी ने इसी वर्ष अंग्रेजी में मास्टर डिग्री पूरी की थी, जबकि उनका 12 वर्षीय बेटा प्रियम पांचवीं कक्षा में पढ़ता था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां घटना के पीछे के कारण, आरोपियों की गतिविधियों और हत्या से जुड़े अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।