अय्यूब खान ने कहा कि भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में गरीब, किसान और बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूलों के माध्यम से अंग्रेजी माध्यम और उत्कृष्ट हिंदी माध्यम की शिक्षा व्यवस्था को विस्तार मिला। उन्होंने कहा कि बेहतर और निःशुल्क शिक्षा की पहल को आज भी लोग याद करते हैं।
अय्यूब खान ने कहा कि भूपेश बघेल के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए जरूरतमंद बच्चों की मदद करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनकी जरूरतों से जुड़ी छोटी-छोटी सहायता भी उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी उद्देश्य से शासकीय स्कूल के बच्चों को जूतों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। जूते मिलने पर बच्चों ने खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए गए इस प्रयास को उपयोगी बताया और भूपेश बघेल के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व पार्षद प्रकाश जोशी, दुर्ग जिला कांग्रेस महासचिव जसवंत गायकवाड, जिला कांग्रेस सचिव अभिषेक जांगड़े, संदीप बख्शी, महामंत्री खेल प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़, वार्ड अध्यक्ष रफीक खान, ब्लॉक महामंत्री शहंशाह आलम, पुरुषोत्तम सोनवानी, रवि शर्मा और मनदीप सिंह सहित कांग्रेस कार्यकर्ता, स्कूल के शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि सामाजिक सेवा के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की मदद करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा। बच्चों को स्कूली जूते उपलब्ध कराने से उन्हें स्कूल आने-जाने और पढ़ाई के दौरान सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षा से जुड़े ऐसे सामाजिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।
भूपेश बघेल के जन्मदिन पर आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा से भी जुड़ा रहा। आयोजकों के मुताबिक, जरूरतमंद बच्चों की सहायता और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।