बसना में 3 साल से ढकी अंबेडकर प्रतिमा पर विवाद, राष्ट्रीय आयोग का नोटिस, 30 दिन में जवाब तलब
बसना में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा 3 वर्षों से ढकी होने का मामला तूल पकड़ गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लेते हुए कलेक्टर से 30 दिनों में जवाब मांगा है।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल l बसना, जिला महासमुंद में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह प्रतिमा पिछले तीन वर्षों से कपड़े से ढकी हुई है, जिसे लेकर अब सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है। आयोग ने जिला कलेक्टर विनय लंगेह से 30 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है कि आखिर तीन वर्षों से प्रतिमा का अनावरण क्यों नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार गहरवाल ने 14 अप्रैल को इस संबंध में दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में यह आरोप लगाया गया कि संविधान निर्माता की प्रतिमा को इतने लंबे समय तक ढककर रखना न केवल सम्मान के विरुद्ध है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता का भी उदाहरण है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों का प्रतीक है। ऐसे में वर्षों तक उसका अनावरण न होना समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को आहत करता है।
इस मुद्दे को लेकर अब क्षेत्र में जनभावना तेजी से उभर रही है। कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द प्रतिमा का अनावरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय है।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि आयोग के नोटिस के बाद यह तय माना जा रहा है कि अब जिला प्रशासन को इस मामले में जवाब देना होगा और स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में समय पर निर्णय न लेना विवाद को जन्म देता है। यदि प्रतिमा का अनावरण समय पर कर दिया जाता, तो शायद यह मुद्दा इतना बड़ा न बनता।
कुल मिलाकर, बसना का यह मामला अब केवल स्थानीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में कलेक्टर द्वारा दिए जाने वाले जवाब और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में क्या समाधान निकलता है और कब तक प्रतिमा का अनावरण किया जाता है।