एनएचएम कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय बैठक कल रायपुर में, बेमेतरा से बड़ी भागीदारी
छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय बैठक 12 अप्रैल 2026 को रायपुर के आमापारा में आयोजित होगी। इस बैठक में बेमेतरा सहित प्रदेशभर से कर्मचारी शामिल होकर अपनी लंबित मांगों और आगामी रणनीति पर चर्चा करेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक 12 अप्रैल 2026 को रायपुर के आमापारा में आयोजित की जाएगी। इस बैठक को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। खासकर बेमेतरा जिले से भी बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मचारी इस बैठक में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।
जानकारी के अनुसार, इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से कर्मचारी प्रतिनिधि, जिलाध्यक्ष एवं संघ के पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की लंबित मांगों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और आगे की रणनीति तय करना है। इस दौरान कर्मचारियों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी स्वास्थ्य संस्थानों तक बड़ी संख्या में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत हैं और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
पिछले माह एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक लंबा आंदोलन किया था। इस आंदोलन में नियमितीकरण, ग्रेड पे, अनुकम्पा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति, मेडिकल अवकाश सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। कर्मचारियों ने इन मांगों को लेकर एक महीने से अधिक समय तक हड़ताल की थी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा था।
हालांकि, सरकार द्वारा मांगों के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया था। इसके साथ ही मांगों के निराकरण के लिए विभागीय स्तर पर एक समिति का गठन भी किया गया है, जो इन मुद्दों पर विचार कर रही है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रदेश स्तरीय बैठक में न केवल लंबित मांगों पर चर्चा होगी, बल्कि यह भी तय किया जाएगा कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं होता है, तो आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। इस बैठक को कर्मचारियों के भविष्य और उनके अधिकारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा, बैठक में भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल “मोदी की गारंटी” के अंतर्गत संविदा कर्मचारियों से जुड़े वादों पर भी चर्चा की जाएगी। कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि इन वादों को किस तरह और कब तक लागू किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह बैठक एनएचएम कर्मचारियों के लिए एक निर्णायक मंच साबित हो सकती है, जहां से उनकी आगामी रणनीति और आंदोलन की दिशा तय होगी।