दिशा दर्शन भ्रमण से बढ़ी महिलाओं की आत्मनिर्भरता, 55 महिलाओं ने सीखा लघु उद्योग का व्यावहारिक ज्ञान
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर दिशा दर्शन भ्रमण योजना के तहत सूरजपुर की 55 महिलाओं ने रायपुर में सोया प्रोसेसिंग प्लांट का प्रशिक्षण लिया, जिससे उनमें स्वरोजगार के प्रति आत्मविश्वास बढ़ा।
UNITED NEWS OF ASIA अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना एक प्रभावी पहल के रूप में उभर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह योजना न केवल महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित भी कर रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले की लगभग 55 महिलाएं, जो विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं।
इस भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन किया। यहां उन्हें उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण ने महिलाओं को लघु उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक कौशल और समझ प्रदान की। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में इसी तरह के छोटे उद्योग स्थापित करने की इच्छा जताई।
इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं प्लांट परिसर में उपस्थित रहीं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ऐसे भ्रमण कार्यक्रम महिलाओं को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान करते हैं, जिससे वे उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होती हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि जो महिला स्व सहायता समूह सोया प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
राजवाड़े ने कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं। वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को ज्ञान, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रही है। इस प्रकार की पहल से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने परिवार एवं समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
यह योजना छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है, जो आने वाले समय में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।