कार्तिक पूर्णिमा पर शिवनाथ नदी तट पर खण्डेलवाल युवा मंच ने किया भव्य दीपदान और गंगा महाआरती का आयोजन

कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर खण्डेलवाल युवा मंच दुर्ग ने शिवनाथ नदी तट पर दीपदान एवं गंगा महाआरती का भव्य आयोजन किया। सैकड़ों दीप प्रवाहित कर नदी तट को प्रकाशित किया गया। इस अवसर पर युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही, कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक परंपरा और सकारात्मकता का संदेश देना था।

Nov 6, 2025 - 12:11
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कार्तिक पूर्णिमा पर शिवनाथ नदी तट पर खण्डेलवाल युवा मंच ने किया भव्य दीपदान और गंगा महाआरती का आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग । कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिवनाथ नदी के तट पर आस्था और भक्ति का संगम देखने को मिला। खण्डेलवाल युवा मंच, दुर्ग द्वारा आयोजित भव्य दीपदान एवं गंगा महाआरती कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धार्मिक परंपराओं के इस सुंदर आयोजन को सफल बनाया।

गुरुद्वारा के सामने स्थित शिवनाथ नदी घाट पर जैसे ही सूर्यास्त के बाद दीप प्रवाहित किए गए, पूरा घाट दीपों की जगमग रोशनी से आलोकित हो उठा। हजारों दीपों की लहरों ने नदी की सतह को सोने जैसी चमक से भर दिया। इसके बाद मंच द्वारा गंगा महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति संगीत, वैदिक मंत्रोच्चार और घंटों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।

आयोजन के बाद हुई रंगीन आतिशबाज़ी ने माहौल को और भी उत्सवमय कर दिया। स्थानीय नागरिकों, परिवारों, महिलाओं और बच्चों ने दीपदान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

खण्डेलवाल युवा मंच के अध्यक्ष विनय खण्डेलवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा अरविंद खण्डेलवाल द्वारा तैयार की गई थी। युवा टीम ने कई दिनों तक मिलकर तैयारी की, जिससे यह आयोजन पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा — “दीपदान का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि समाज में प्रकाश, सकारात्मकता और एकता का संदेश देना है।”

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दीप प्रवाहित करते हुए परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। खण्डेलवाल युवा मंच के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सहायता की और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
अर्चिता, धनिष्ठा, हिमांशी, स्मृति, खुशी, रौनक, नमन, निखिल, अंकित, नवीन खण्डेलवाल सहित मंच के अनेक युवा सदस्य।

सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं। दीपदान जैसी परंपराएँ लोगों में सहयोग, सद्भाव और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाती हैं।

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भजन और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस वर्ष का दीपदान कार्यक्रम पहले से कहीं अधिक भव्य और अनुशासित रहा।

शिवनाथ नदी के तट पर हुई इस गंगा महाआरती और दीपदान ने दुर्ग शहर को भक्ति और उत्साह के रंगों से भर दिया। खण्डेलवाल युवा मंच ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि युवा वर्ग सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत हुई, बल्कि समाज में शांति, प्रेम और प्रकाश का संदेश भी फैलाया गया।