चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर 3 बजे तक राज्य में लगभग 70% मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मतदाता इस चुनाव को लेकर बेहद गंभीर हैं और बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो सुबह 9 बजे तक 17.69%, 11 बजे तक 37.56%, दोपहर 1 बजे तक 56.81% और 3 बजे तक यह बढ़कर 70% तक पहुंच गया। शाम तक इसमें और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
इस चुनाव में राज्य के करीब 5.73 करोड़ मतदाता 4,023 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर रहे हैं। मुकाबला मुख्य रूप से द्रविड़ मुनेत्र कषगम के नेतृत्व वाले गठबंधन और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम-भारतीय जनता पार्टी के एनडीए गठबंधन के बीच है।
जहां डीएमके सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं एआईएडीएमके विपक्ष में पांच साल बिताने के बाद वापसी की कोशिश में जुटी है। चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है।
राज्यभर में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से करीब 5,938 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। करीब 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी, जिनमें अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस शामिल हैं, पूरे चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
इस बीच, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में वोटरों को प्रभावित करने के लिए धन और प्रलोभनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमके ने पिछले वर्षों में जनता को निराश किया है और इस बार मतदाता बदलाव चाहते हैं।
वहीं, तमिलगा वेट्री कझगम के महासचिव एन. आनंद ने भारी भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए मतदान का समय बढ़ाने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि वोटिंग का समय रात 8 बजे तक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
फिल्म अभिनेता विशाल कृष्णा रेड्डी ने भी मतदान के बाद कहा कि राजनीति में सेवा भाव जरूरी है और आने वाले चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु में हो रहा यह चुनाव लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बनकर उभरा है। भारी मतदान यह संकेत देता है कि जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और राज्य के भविष्य को तय करने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है।