बारिश में बह गई कच्ची पुलिया, 15 से 20 गांवों का संपर्क टूटा; 6 गांवों के शिक्षकों का आवागमन प्रभावित

नारायणपुर के ग्राम पंचायत बावड़ी के आश्रित ग्राम गोटाबेन्नूर में तेज बारिश के चलते 15 से 20 गांवों को जोड़ने वाली पाइप नुमा कच्ची पुलिया बह गई। इससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित होने के साथ छह गांवों के शिक्षकों और विद्यार्थियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी पक्की पुलिया निर्माण और तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की मांग की है।

Aug 25, 2026 - 08:00
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बारिश में बह गई कच्ची पुलिया, 15 से 20 गांवों का संपर्क टूटा; 6 गांवों के शिक्षकों का आवागमन प्रभावित

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l जिले में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या बढ़ा दी है। जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बावड़ी के आश्रित ग्राम गोटाबेन्नूर में रविवार रात हुई तेज बारिश के कारण 15 से 20 गांवों को जोड़ने वाली पाइप नुमा कच्ची पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और आसपास के ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण ग्राम करमरी में लगने वाले साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं। पुलिया बह जाने के बाद बाजार तक पहुंचने के साथ जरूरी सामान लाने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के मौसम में इस मार्ग पर आवागमन पहले भी प्रभावित होता रहा है, लेकिन इस बार पुलिया पूरी तरह बह जाने से समस्या और गंभीर हो गई है।

पुलिया बहने का असर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से करीब छह गांवों के शिक्षक स्कूलों तक पहुंचते हैं, लेकिन पुलिया के बह जाने के बाद उनका आवागमन बाधित हो गया है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा ग्रामीणों ने अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच प्रभावित होने की बात भी कही है, जिससे आपात स्थिति में लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

ग्रामीणों ने बताया कि स्थायी पुलिया निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्राम सभा की बैठकों में इस समस्या को उठाने के साथ ही सुशासन तिहार के दौरान भी सचिव और सरपंच को पक्की पुलिया निर्माण के लिए आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों के मुताबिक लोगों की आवाजाही के लिए सरपंच द्वारा पाइप नुमा कच्ची पुलिया बनाई गई थी, लेकिन तेज बारिश और पानी के दबाव के कारण वह टिक नहीं सकी और रविवार रात बह गई।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कराने और 15 से 20 गांवों के लिए स्थायी एवं पक्की पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान हर वर्ष इस मार्ग पर आवागमन की समस्या सामने आती है, इसलिए अस्थायी व्यवस्था के बजाय स्थायी समाधान जरूरी है। ग्रामीणों ने तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की भी मांग की है, ताकि शिक्षक और विद्यार्थी स्कूल पहुंच सकें तथा ग्रामीण करमरी के साप्ताहिक बाजार और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसानी से पहुंच सकें।