ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुपालन पर रायपुर में कार्यशाला, CPCB पोर्टल पर BWG का ऑन-द-स्पॉट पंजीयन
रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बल्क वेस्ट जनरेटर यानी BWG अनुपालन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में आवासीय समितियों, होटल, अस्पताल और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को पंजीयन एवं नियमों के अनुपालन की जानकारी दी गई। CPCB पोर्टल पर कई संस्थानों का ऑन-द-स्पॉट पंजीयन भी कराया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और बल्क वेस्ट जनरेटर यानी BWG के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा BWG अनुपालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 6174/2023 में 18 अगस्त 2026 को पारित आदेश के अनुपालन के तहत आयोजित की गई। इसमें विभिन्न आवासीय समितियों, होटल, अस्पताल और संस्थानों के प्रतिनिधियों को नियमों, पंजीयन प्रक्रिया और आवश्यक अनुपालन की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में बताया गया कि बल्क वेस्ट जनरेटर्स के लिए अपने परिसर में उत्पन्न ठोस अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, सुरक्षित भंडारण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण और निर्धारित एजेंसियों को हस्तांतरण सुनिश्चित करना आवश्यक है। नियमों के अनुपालन की निगरानी की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर को दी गई है। नियमों की अवहेलना करने वाले BWG के विरुद्ध परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जप्ती के साथ विद्युत और जल आपूर्ति के अस्थायी विच्छेदन जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
कार्यशाला में नूरजहां होटल, ज्वेलो रेजिडेंशियल को-ऑपरेटिव सोसायटी, ऐश्वर्या एम्पायर, आर्यन बिरयानी, महाराष्ट्र मंडल रायपुर, अग्रवाल हॉस्पिटल, मारुति रेजीडेंसी, रहेजा रेजीडेंसी अवंति विहार और लास विस्टा सोसायटी अमलीडीह सहित विभिन्न संस्थानों एवं आवासीय परिसरों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB पोर्टल पर BWG पंजीयन की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। कई संस्थानों का मौके पर ही ऑनलाइन पंजीयन भी कराया गया। प्रतिनिधियों को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने तथा परिसर स्तर पर नियमों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रतिनिधियों ने नगर निगम से अनुरोध किया कि चयनित आवासीय समितियों और संस्थानों में संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएं। इसके माध्यम से कुछ सोसायटियों को मॉडल BWG-RWA सोसायटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकेगा और अन्य परिसरों के लिए बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
नगर पालिक निगम रायपुर ने बताया कि जिन परिसरों से प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है, जिनका क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक है अथवा जिनमें प्रतिदिन 40 हजार लीटर से अधिक जल का उपयोग होता है, उन्हें BWG श्रेणी में पंजीयन कराना होगा। इसमें बड़े आवासीय परिसर, अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, कार्यालय, सरकारी और निजी संस्थान तथा अन्य बड़े अपशिष्ट उत्पादक शामिल हैं।
नगर निगम ने सभी पात्र संस्थानों और प्रतिष्ठानों से शीघ्र CPCB पोर्टल पर पंजीयन पूरा करने और पंजीयन की जानकारी निगम को उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि अनुपालन का सत्यापन और निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निगम ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले BWG के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। स्वच्छ रायपुर और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में आयोजित यह कार्यशाला महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।