सोनाकुकानार में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

सुकमा जिले के सोनाकुकानार में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष हुंगाराम बेको, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने तिलक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

Aug 2, 2026 - 10:39
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सोनाकुकानार में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा जिले के सोनाकुकानार में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और लोकमान्य के नाम से प्रसिद्ध बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष हुंगाराम बेको, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लोकमान्य तिलक के स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने अपने विचारों, लेखनी और संघर्ष के माध्यम से देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि तिलक का प्रसिद्ध उद्घोष, "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा", आज भी देश के नागरिकों को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने युवाओं से देशहित को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष हुंगाराम बेको ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक जागरण, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता के भी मजबूत समर्थक थे। उन्होंने कहा कि तिलक के विचार आज भी समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं। युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाकर समाज और देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के व्यक्तित्व और कृतित्व को नमन किया। कार्यक्रम में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और तिलक के बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

इस अवसर पर सोनाकुकानार के पूर्व सरपंच कोसा राम मरकाम, नागारास के सरपंच भीमा दूधी, सोनाकुकानार के सरपंच भीमसेन मरकाम सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संदेश और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन में लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया और नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।