E20 पेट्रोल नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी का हमला, टाउनहॉल में उठाई नीति वापस लेने की मांग
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने E20 पेट्रोल नीति का विरोध करते हुए इसे आम जनता पर थोपा गया फैसला बताया। पार्टी ने दावा किया कि राष्ट्रीय टाउनहॉल कार्यक्रम में लाखों लोग जुड़े और वाहन मालिकों व मैकेनिकों ने E20 से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। पार्टी ने नीति की समीक्षा, शुद्ध पेट्रोल का विकल्प और प्रभावित वाहन मालिकों को मुआवजा देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी (आप) छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति का विरोध करते हुए इसे आम जनता पर थोपा गया निर्णय बताया है। पार्टी ने शनिवार को आयोजित प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में "नेशनल टाउनहॉल" कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
पार्टी के अनुसार, इस कार्यक्रम से यूट्यूब के माध्यम से 7 लाख से अधिक लोग जुड़े। आप का दावा है कि यह किसी सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम के लिए एक रिकॉर्ड है। पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोगों और कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन भाग लिया, जिससे E20 पेट्रोल को लेकर लोगों की चिंता और असंतोष सामने आया।
प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी ने दावा किया कि टाउनहॉल के दौरान देशभर के कई वाहन मालिकों और मैकेनिकों ने E20 पेट्रोल के उपयोग से इंजन की खराबी, माइलेज में कमी, वाहन के पुर्जों के जल्दी घिसने और रखरखाव का खर्च बढ़ने जैसी समस्याओं का अनुभव साझा किया। पार्टी का आरोप है कि बिना पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन और व्यापक परीक्षण के इस नीति को लागू किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने वाहन और पेट्रोलियम कंपनियों के दबाव में यह फैसला लिया है। पार्टी ने मांग की है कि जब तक E20 पेट्रोल के प्रभावों पर व्यापक और पारदर्शी अध्ययन नहीं हो जाता तथा सभी प्रकार के वाहनों के लिए इसकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इसकी अनिवार्यता पर रोक लगाई जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराया जाए और जिन वाहन मालिकों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि E20 नीति के विरोध में देशभर से दो लाख से अधिक लोगों ने याचिकाएं दायर की हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इनमें से 100 चयनित लोग 4 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होंगे, जहां अरविंद केजरीवाल E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों को प्रधानमंत्री के समक्ष उठाएंगे।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने इस विषय पर पुनर्विचार नहीं किया तो छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।