राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर पुलिस, RPF और GRP की संयुक्त मॉक ड्रिल

राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल में भगदड़, संदिग्ध लावारिस बैग और यात्रियों के बेहोश होने जैसी आपात स्थितियों का सफल अभ्यास किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी और संदिग्ध वस्तु जांच में बेहतर समन्वय का प्रदर्शन किया।

May 28, 2026 - 11:05
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राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर पुलिस, RPF और GRP की संयुक्त मॉक ड्रिल

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल l राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन और प्लेटफार्म परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की सघन जांच की गई तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का वास्तविक अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

इस संयुक्त अभ्यास का संचालन पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में किया गया। जिला पुलिस, RPF, GRP और रेलवे विभाग की टीमों ने मिलकर स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया गया।

मॉक ड्रिल में मुंबई से भुवनेश्वर जा रही लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन और बिलासपुर से दिल्ली जा रही छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुरक्षा जांच की गई। अभ्यास के दौरान कई काल्पनिक आपात स्थितियां तैयार की गईं। इनमें भीड़ के कारण भगदड़ मचने, यात्रियों के अचानक बेहोश होने और प्लेटफार्म पर संदिग्ध लावारिस बैग मिलने जैसी परिस्थितियां शामिल थीं। इन स्थितियों पर सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सफल कार्रवाई का प्रदर्शन किया।

संयुक्त टीम ने सबसे पहले भीड़ नियंत्रण की प्रक्रिया अपनाई और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इसके साथ ही फुट ओवर ब्रिज (FOB), आपातकालीन निकासी मार्ग और रेलवे स्टेशन के अन्य संसाधनों का उपयोग कर व्यवस्थित निकासी सुनिश्चित की गई। सुरक्षा घेराबंदी बनाकर संदिग्ध वस्तुओं की जांच की गई और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, RPF, GRP, BDDS टीम और डॉग स्क्वायड के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। सभी विभागों ने मिलकर समन्वित बचाव और सुरक्षा कार्रवाई का अभ्यास किया। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में तेजी से निर्णय लेने और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।

अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से चेकिंग प्रक्रिया से गुजारा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों को भी जागरूक करते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

मौके पर रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर, थाना प्रभारी कोतवाली उपेंद्र कुमार, थाना प्रभारी बसंतपुर एमन साहू, थाना प्रभारी लालबाग रमेश पटेल, चौकी प्रभारी तुमड़ीबोड़ दिलीप पटेल, RPF प्रभारी तरुणा साहू, GRP जनक लाल तिवारी, रेलवे स्टेशन सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

राजनांदगांव पुलिस ने बताया कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस प्रकार की संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद आवश्यक है। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय विकसित होता है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। पुलिस ने यात्रियों से भी अपील की कि स्टेशन परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें।