नवतपा में 44 डिग्री पार पहुंचा तापमान, गर्मी से बढ़ी लोगों की परेशानी

महासमुंद जिले में नवतपा के दौरान तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी और गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और दोपहर में घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

May 28, 2026 - 11:10
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नवतपा में 44 डिग्री पार पहुंचा तापमान, गर्मी से बढ़ी लोगों की परेशानी

UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल l महासमुंद जिले में नवतपा के साथ भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग दिन के समय घरों में रहने को मजबूर हैं। दोपहर के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग धूप से बचने के लिए छांव तलाशते दिखाई दे रहे हैं।

नवतपा शुरू होते ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर तक गर्म हवाओं का असर और बढ़ जा रहा है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। खासकर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त, चक्कर और बुखार जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रतिदिन 7 से 8 मरीज ऐसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आर.एल. खरे ने बताया कि अत्यधिक गर्मी और लापरवाही के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की अपील की है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लेने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

डॉ. खरे ने बताया कि सामान्य लू लगने और हीट स्ट्रोक में अंतर होता है। सामान्य लू लगने पर शरीर में कमजोरी, चक्कर और प्यास लगने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि हीट स्ट्रोक की स्थिति गंभीर होती है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान का खतरा भी हो सकता है। हालांकि जिले में अब तक हीट स्ट्रोक का कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया है।

अस्पताल अधीक्षक प्रो. डॉ. बसंत माहेश्वरी ने बताया कि अत्यधिक गर्मी से प्रभावित चार मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, जबकि तीन मरीजों का उपचार कर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल में गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि बिना जरूरी काम के दोपहर में बाहर न निकलें, लगातार पानी पीते रहें और हीट वेव को हल्के में न लें। जागरूकता और सावधानी ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।