अरुण सिंह भदौरिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे समाज के जरूरतमंद और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों के बीच जाकर संवाद करें और केंद्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने में सहयोग करें। अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किए गए हैं। इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है। सुकमा जैसे दूरस्थ और वनांचल जिले में इस तरह के जनसंपर्क अभियान की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय संवाद की आवश्यकता होती है।
भदौरिया ने भाजपा कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से अपील की कि वे शहरों और मंडल मुख्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद करें। उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और आदिवासी समाज के लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें उपलब्ध जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जानी चाहिए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने और उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने में भी कार्यकर्ता सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा कार्य और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे विषयों पर सामूहिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई। उनके अनुसार गांव-गांव में संवाद और सेवा गतिविधियों के माध्यम से अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर भी सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।
अरुण सिंह भदौरिया ने कहा कि बस्तर और सुकमा जैसे क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण है। विकास के साथ लोगों में विश्वास और जनभागीदारी को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनें और सरकार की योजनाओं तथा उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी साझा करें।
उन्होंने जिले के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। भदौरिया ने कहा कि सेवा की भावना, समाज के प्रति जिम्मेदारी और लोगों से सीधा संवाद ही अभियान की वास्तविक सफलता का आधार बनेगा। सुकमा में अभियान के दौरान स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और सेवा गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।