कुशालपुर रामलीला मैदान में नशेड़ियों का आतंक, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

रायपुर के कुशालपुर स्थित रामलीला मैदान में बढ़ती नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर ने चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई, नियमित गश्त और स्थायी पुलिस व्यवस्था की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय नागरिकों के साथ आंदोलन किया जाएगा।

Jul 7, 2026 - 11:49
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कुशालपुर रामलीला मैदान में नशेड़ियों का आतंक, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

UNITED NWES OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित कुशालपुर रामलीला मैदान में लगातार बढ़ रही नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध यह मैदान अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है, जिससे आसपास रहने वाले नागरिक भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं।

मनोज सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि शाम ढलते ही मैदान में बड़ी संख्या में संदिग्ध लोग जमा होने लगते हैं। यहां खुलेआम शराब पीने, नशीले पदार्थों का सेवन करने, गाली-गलौज करने और आपसी मारपीट जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति क्षेत्र की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान के चारों ओर घनी आबादी है, जहां बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं। लगातार बढ़ती असामाजिक गतिविधियों के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के बाद बहन-बेटियों का अकेले घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। विरोध करने पर नशेड़ी विवाद और मारपीट पर उतर आते हैं, जिससे किसी भी समय गंभीर घटना होने की आशंका बनी रहती है।

मनोज सिंह ठाकुर ने रायपुर पुलिस और पुरानी बस्ती थाना से मांग की है कि रामलीला मैदान में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। शाम के समय मैदान और आसपास संदिग्ध लोगों की सघन जांच और धरपकड़ की जाए। इसके अलावा मैदान के आसपास स्थायी पुलिस प्वाइंट या नियमित पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रह सके और स्थानीय नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

उन्होंने कहा कि जनहित और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की, तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा तथा पुरानी बस्ती थाना का घेराव भी किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई तो रामलीला मैदान को दोबारा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है। फिलहाल क्षेत्र के लोग पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।