मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का धमतरी कूच, कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी

सड़क, बिजली और पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर धमतरी जिले के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट घेराव के लिए धमतरी पहुंचे। जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

Jun 22, 2026 - 14:49
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मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का धमतरी कूच, कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के नेतृत्व में रिसगांव, खल्लारी, ठेनही, मेचका, अरसीकन्हार सहित कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर धमतरी पहुंचे। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली और पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी की और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है। कई गांव आज भी पक्की सड़कों से वंचित हैं, जिससे आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब ग्रामीणों का संपर्क मुख्य मार्गों से लगभग कट जाता है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो पाया है। लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया और बड़ी संख्या में धमतरी की ओर कूच किया।

जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को विकास का समान अधिकार मिलना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

ग्रामीणों के धमतरी पहुंचने के साथ ही प्रशासन और पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ गांवों तक पहुंचना चाहिए और लंबे समय से लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों का यह आंदोलन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है। अब सभी की नजर प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यदि मांगों पर सकारात्मक पहल होती है तो ग्रामीणों को राहत मिल सकती है, वहीं मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल कलेक्ट्रेट घेराव को लेकर जिले में माहौल गर्म है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।