जन संस्कृति मंच भिलाई का पुनर्गठन, अशोक तिवारी अध्यक्ष और सुरेश वाहने फिर बने सचिव

भिलाई में आयोजित जन संस्कृति मंच (जसम) की बैठक में दुर्ग-भिलाई इकाई का पुनर्गठन किया गया। सर्वसम्मति से अशोक तिवारी को अध्यक्ष और सुरेश वाहने को लगातार दूसरी बार सचिव चुना गया। बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा समसामयिक सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

Jul 7, 2026 - 11:55
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जन संस्कृति मंच भिलाई का पुनर्गठन, अशोक तिवारी अध्यक्ष और सुरेश वाहने फिर बने सचिव

UNITED NEWS OF ASIA. भिलाई l भिलाई में जन संस्कृति मंच (जसम) दुर्ग-भिलाई इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन का पुनर्गठन करते हुए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

बैठक में अशोक तिवारी को दुर्ग-भिलाई इकाई का अध्यक्ष चुना गया, जबकि लेखक सुरेश वाहने को लगातार दूसरी बार सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ संगठन ने साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के रूप में एन. पापा राव, दिव्या और विद्याभूषण को जिम्मेदारी दी गई। सह-सचिव के रूप में सुबोध देवांगन और पूर्णिमा साहू का चयन किया गया। कोषाध्यक्ष का दायित्व सुलेमान खान को सौंपा गया, जबकि सह-कोषाध्यक्ष अनु वर्मा बनाए गए। नाटक टीम के संचालन की जिम्मेदारी हरजिंदर सिंह मोटिया और जयप्रकाश नायर को दी गई।

कार्यकारिणी में मीतादास, घनश्याम त्रिपाठी, अंजन कुमार, अभिषेक पटेल, बृजेन्द्र तिवारी, दिनेश सोलंकी, टेकलाल निराला, पवन कुमार ढिण्ढे और मनिंदर सिंह को शामिल किया गया। वहीं संगठन के संरक्षक के रूप में सियाराम शर्मा, कैलाश बनवासी और वासुकि प्रसाद 'उन्मत्त' को जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में सियाराम शर्मा ने जन संस्कृति मंच के संगठनात्मक इतिहास और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान की जानकारी साझा की। उन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धता को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सोनी ने संगठन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति समाज को सकारात्मक दिशा देने के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए सांप्रदायिकता और फासीवादी प्रवृत्तियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक प्रतिरोध को मजबूत करने पर बल दिया।

बैठक के दौरान जन संस्कृति मंच ने ग्राम नकटी में प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के मकान तोड़े जाने की घटना की निंदा करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। संगठन ने कहा कि जनहित और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मुद्दों पर वह आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा।

बैठक के समापन पर पंडवानी की सुप्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सदस्यों ने उनके कला योगदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा। अंत में संगठन ने साहित्य, संस्कृति और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।