कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया राज्य स्तरीय फल, फूल और सब्जी प्रदर्शनी का पोस्टर विमोचन
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गांधी नेहरू उद्यान, रायपुर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय फल, फूल और सब्जी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का पोस्टर जारी किया। यह आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक “प्रकृति की ओर सोसायटी” और उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अम्रितेश्क्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय फल, फूल और सब्जी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 9, 10 और 11 जनवरी 2026 को किया जाएगा। इस आयोजन का पोस्टर विमोचन आज कृषि मंत्री माननीय श्री रामविचार नेताम ने किया।
यह कार्यक्रम गांधी नेहरू उद्यान, सिविल लाइंस रायपुर में “प्रकृति की ओर सोसायटी”, उद्यानिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन, जिंदल स्टील लिमिटेड और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।
पोस्टर विमोचन समारोह में मंत्री नेताम ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के किसानों के कौशल, सृजनशीलता और पर्यावरणीय चेतना को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा —
“यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रकृति की ओर सोसायटी लगातार 16 वर्षों से इस प्रदर्शनी का सफल आयोजन कर रही है। इस आयोजन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है बल्कि किसानों को अपने उत्पादों के माध्यम से नवाचार और प्रतिस्पर्धा का मंच भी मिलता है।”
मंत्री नेताम ने कहा कि इस प्रदर्शनी में प्रदेश के सभी 33 जिलों के किसान भाग लेंगे और अपने क्षेत्रीय उत्पादों — फल, फूल, सब्जी, औषधीय पौधों और जैविक उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों में न केवल आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ती है, बल्कि कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के प्रति भी उत्साह आता है।
इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी, सचिव निर्भय धाडीवाल, पूर्व अध्यक्ष दलजीत बग्गा, और कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनिल चौहान उपस्थित थे।
आयोजकों ने बताया कि इस बार की प्रदर्शनी में जैविक खेती, बागवानी, नर्सरी प्रबंधन और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
यह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी प्रदेश के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और आम नागरिकों के बीच पर्यावरणीय जागरूकता, हरित जीवनशैली और सतत कृषि विकास की दिशा में एक सार्थक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।