राजनीतिक साजिश का शिकार बनाने की कोशिश, सच्चाई सामने लाने की अपील — पवन जायसवाल

कवर्धा नगर पालिका के उपाध्यक्ष पवन जायसवाल ने हाल ही में वायरल हो रहे विवादित वीडियो और खबरों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए मीडिया और सोशल मीडिया से तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर प्रसारित करने की अपील की है।

Mar 9, 2026 - 17:49
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राजनीतिक साजिश का शिकार बनाने की कोशिश, सच्चाई सामने लाने की अपील — पवन जायसवाल

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा में हाल ही में सामने आए एक विवाद को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मंचों पर कई तरह की खबरें और वीडियो तेजी से वायरल किए जा रहे हैं। इस मामले में नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल का कहना है कि उन्हें एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

पवन जायसवाल ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा बिना किसी ठोस साक्ष्य और आधिकारिक पुष्टि के एकतरफा खबरें प्रसारित की गई हैं, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण इस पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि उन्हें जनता के बीच बदनाम किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत का कानून स्पष्ट रूप से यह अधिकार देता है कि दो बालिग व्यक्ति अपनी सहमति से कहीं भी आ-जा सकते हैं और साथ रह सकते हैं, जब तक कि कोई अवैध गतिविधि न हो। ऐसे में बिना किसी प्रमाण के किसी की निजी जिंदगी को सार्वजनिक मुद्दा बनाना और भीड़ के आधार पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

पवन जायसवाल ने पत्रकार साथियों और सोशल मीडिया मंचों पर सक्रिय सभी लोगों से विनम्र निवेदन किया है कि किसी भी खबर को प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें और दोनों पक्षों की बात सामने लाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और समाज के सामने सत्य और निष्पक्ष जानकारी रखना मीडिया की जिम्मेदारी है।

उन्होंने विशेष रूप से उन सोशल मीडिया साथियों से भी आग्रह किया है, जिन्होंने बिना पूरी जानकारी के इस मामले में खबरें साझा की हैं, कि वे तथ्यों की पुष्टि कर सच्चाई को सामने लाने में सहयोग करें।

पवन जायसवाल ने विश्वास जताया कि सत्य जल्द ही सामने आएगा और न्यायपूर्ण जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सच्चाई और निष्पक्षता ही स्वस्थ लोकतंत्र और पत्रकारिता की असली पहचान है।