गन्ना किसानों को बड़ी राहत: 13.80 करोड़ रुपये जारी, सहकारी मॉडल की सफलता का उदाहरण

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा द्वारा गन्ना किसानों को 13.80 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया गया है। चालू पेराई सत्र में अब तक कुल 71.29 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।

Apr 29, 2026 - 11:46
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गन्ना किसानों को बड़ी राहत: 13.80 करोड़ रुपये जारी, सहकारी मॉडल की सफलता का उदाहरण

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l वैवाहिक सीजन और आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को 13.80 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस भुगतान से हजारों किसानों को आर्थिक संबल मिला है और वे अपनी कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रख सकेंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालू पेराई सत्र में अब तक कुल 71.29 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। यह समयबद्ध भुगतान किसानों के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है, जिससे सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा है।

इस पेराई सत्र में भोरमदेव शक्कर कारखाने ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कारखाने ने 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई करते हुए 3,09,120 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, प्रशासनिक दक्षता और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है। इस सफलता ने जिले को कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना किसानों और श्रमिकों के हितों के प्रति लगातार समर्पित रहा है। कारखाना न केवल एफआरपी (फेयर एंड रेम्युनरेटिव प्राइस) के तहत भुगतान करता है, बल्कि रिकवरी आधारित अतिरिक्त भुगतान और शासन द्वारा घोषित बोनस भी किसानों को उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उनके घरेलू खर्च में भी राहत मिलती है।

कारखाने द्वारा किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और नियमित मार्गदर्शन भी दिया जाता है। इससे गन्ना उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हुआ है। किसानों के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत “बलराम सदन” जैसी सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था भी की गई है, जहां वे ठहर सकते हैं। साथ ही, मात्र 5 रुपये में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जो विशेष रूप से श्रमिकों और छोटे किसानों के लिए लाभदायक है।

भोरमदेव शक्कर कारखाना अब जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी देता है, बल्कि फसल विविधता को भी बढ़ावा देता है। इसके साथ ही हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए सस्ती दर पर शक्कर की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।

समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते यह कारखाना सहकारी मॉडल की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि जिले के समग्र विकास को भी नई गति मिल रही है।