सरस्वती श्रवण नायक बनी ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष
ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करते हुए सरस्वती श्रवण नायक को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। महिला प्रकोष्ठ के विस्तार और समाज में महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज,कोंडागांव | ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई है। यह घोषणा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष टी.सी. राठौर के निर्देशानुसार तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सदाशिव राम नायक के मार्गदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष अजय नायक द्वारा की गई। इसके साथ ही संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की सूची भी सार्वजनिक की गई, जिसमें समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाली सरस्वती श्रवण नायक को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
सरस्वती श्रवण नायक नगर पंचायत खरोरा की पूर्व एल्डरमैन रह चुकी हैं और इससे पूर्व वे ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ महिला प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ की कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने प्रदेश के लगभग सभी जिलों में महिला संगठन का विस्तार किया और बंजारा समाज की महिलाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया।
उनके इसी उल्लेखनीय योगदान और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ छत्तीसगढ़ की मुख्य बॉडी में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति से समाज में हर्ष और उत्साह का माहौल है तथा समाज के प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद सरस्वती श्रवण नायक ने बंजारा समाज के सभी वरिष्ठजनों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं स्वजातीय बंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति निस्वार्थ भाव से कार्य करना हर व्यक्ति का दायित्व है। समाज ही हमारी पहचान है और हमारी संस्कृति समाज से जुड़ी हुई है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने “हमारी संस्कृति, हमारी पहचान” के नारे को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक युग में लोग धीरे-धीरे अपनी संस्कृति और बोली-भाषा से दूर होते जा रहे हैं, जो चिंताजनक है। हमें अपनी भाषा बोलने और अपनी परंपराओं को अपनाने में किसी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। संस्कृति को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ठोस कदम उठाने होंगे।
सरस्वती श्रवण नायक की नियुक्ति को बंजारा समाज में महिला नेतृत्व और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।