सूरजपुर वृद्धाश्रम में मानसिक स्वास्थ्य शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को मिला निःशुल्क परामर्श और उपचार

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) के तहत सूरजपुर के छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान (वृद्धाश्रम) में विशेष मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श, उपचार और निःशुल्क दवा वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

Aug 3, 2026 - 10:59
Aug 3, 2026 - 11:01
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सूरजपुर वृद्धाश्रम में मानसिक स्वास्थ्य शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को मिला निःशुल्क परामर्श और उपचार

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) के अंतर्गत सूरजपुर स्थित छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान (वृद्धाश्रम) में विशेष मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में वृद्धजनों को मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श, उपचार और आवश्यक दवाइयों की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई।

शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा के निर्देशन तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित शर्मा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सचिन मातुरकर और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर नंदकिशोर वर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी समस्याओं का मूल्यांकन किया।

विशेषज्ञों ने शिविर के दौरान वृद्धजनों को अवसाद, चिंता, तनाव, अनिद्रा और डिमेंशिया जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए आवश्यक उपायों पर भी चर्चा की गई। प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी मानसिक एवं भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास किया गया, ताकि उनकी आवश्यकता के अनुरूप परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

शिविर में विशेषज्ञों ने वरिष्ठ नागरिकों को सकारात्मक सोच अपनाने, नियमित दिनचर्या बनाए रखने, शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि मानसिक स्वास्थ्य केवल बीमारी का अभाव नहीं, बल्कि भावनात्मक, सामाजिक और मानसिक रूप से स्वस्थ जीवन का आधार है। इसलिए बढ़ती उम्र में मानसिक स्वास्थ्य की नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है जितनी शारीरिक स्वास्थ्य की।

जिन वरिष्ठ नागरिकों को उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें मौके पर ही आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। साथ ही नियमित फॉलो-अप और आगे की चिकित्सा के लिए भी आवश्यक परामर्श दिया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को वृद्धजनों तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील तरीके से पहुंचाना तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों ने इस विशेष शिविर की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर इस प्रकार का ध्यान उन्हें भावनात्मक सुरक्षा, आत्मविश्वास और बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देता है। वहीं वृद्धाश्रम प्रबंधन ने जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की अपेक्षा जताई। यह पहल राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।