शंकरगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, पोषण और मातृ-शिशु सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, आईसीडीएस योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पोषण ट्रैकर के बेहतर उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

Aug 3, 2026 - 11:04
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शंकरगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, पोषण और मातृ-शिशु सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में कुपोषण मुक्त राज्य के लक्ष्य को हासिल करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ हितग्राहियों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना था।

कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम अधिकारी रमाकांत चंद्राकर के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी संचालन, पोषण संबंधी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों तथा माताओं तक समय पर सुविधाएं पहुंचाने के लिए आवश्यक जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में पूरक पोषण आहार, गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल, बच्चों के जीवन के प्रारंभिक 1000 दिनों का महत्व, वृद्धि मापन, कुपोषण की पहचान एवं प्रबंधन, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, गृह भ्रमण तथा पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, पंचायत और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

जिला कार्यक्रम अधिकारी रमाकांत चंद्राकर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों से अपील की कि वे समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समयबद्ध सेवाएं पहुंचाएं तथा बच्चों, किशोरियों और गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। क्षेत्रीय स्तर पर कार्य करते समय आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान बताए गए। साथ ही शासन द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों, पोषण अभियानों और आईसीडीएस की अद्यतन योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि कार्यकर्ता इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।

इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी राहुल सिंह, स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता में वृद्धि हो रही है और पोषण ट्रैकिंग व्यवस्था भी मजबूत हो रही है। विभाग का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों, किशोरियों और माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके।