मुकेश सिंहा ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों के बीच एक-दूसरे के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने और सार्वजनिक रूप से बयानबाजी के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने ही पार्टी के लोगों को ‘पेंडुलम’ जैसे शब्दों से संबोधित किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा व्यापारियों के साथ कथित गाली-गलौज और उन्हें ‘फर्जी’ कहे जाने जैसे विवाद भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस ने इन्हीं घटनाक्रमों को आधार बनाकर भाजपा के संगठनात्मक दावों पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि किसी राजनीतिक दल के भीतर मतभेद होना संगठन का आंतरिक विषय हो सकता है, लेकिन जब विवाद पार्टी की बैठकों या संगठन के दायरे से बाहर निकलकर सार्वजनिक रूप से सामने आने लगें और एक-दूसरे के खिलाफ बयान दिए जाने लगें, तो उसका असर लोगों की धारणा पर भी पड़ता है। उनके मुताबिक अंबागढ़ चौकी में वर्तमान में मंदिर परिसर में केक काटने के मामले से लेकर व्यापारियों से जुड़े विवाद और भाजपा के भीतर की बयानबाजी तक कई विषय चर्चा में हैं।
मुकेश सिंहा ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति के निजी विवाद में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। हालांकि, जब किसी राजनीतिक दल का अंदरूनी विवाद सार्वजनिक हो जाए और उसका असर शहर के सामाजिक तथा व्यापारिक वातावरण पर पड़ने लगे, तब विपक्ष के रूप में सवाल उठाना कांग्रेस का अधिकार है। उन्होंने भाजपा से इन सभी मामलों पर जनता के सामने स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।
उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी दूसरों को अनुशासन और संगठन का पाठ पढ़ाने से पहले अपने भीतर चल रहे विवादों पर ध्यान दे। मुकेश सिंहा ने सवाल किया कि यदि भाजपा में वास्तव में सब कुछ ठीक है और संगठन पूरी तरह एकजुट है, तो अपने ही लोगों के बीच इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी क्यों सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि अंबागढ़ चौकी में सामने आ रहे घटनाक्रम से भाजपा के भीतर आपसी मतभेद और खींचतान को लेकर चर्चा तेज हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका सवाल किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं, बल्कि भाजपा की उस एकता और अनुशासन की छवि को लेकर है, जिसका दावा पार्टी लगातार करती रही है। उन्होंने कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और यह तय करेगी कि कौन वास्तव में एकता, अनुशासन और सम्मान की राजनीति करता है और कौन केवल इसका दावा करता है।
मुकेश सिंहा ने कहा कि भाजपा के अंदर चल रहे विवाद का समाधान भाजपा संगठन को ही करना है। कांग्रेस केवल यह सवाल उठा रही है कि जब पार्टी से जुड़े लोग सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, तब भाजपा किस आधार पर अपनी एकता का दावा कर रही है। उन्होंने भाजपा से पहले अपने संगठन के भीतर के मतभेदों को सुलझाने और इसके बाद विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाने की बात कही।