विद्युत मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जानी है। इसके तहत स्मार्ट मीटर स्थापना के कार्य को जारी रखते हुए इसकी गति बढ़ाने पर जोर दिया गया है। कबीरधाम जिले में अब तक 1 लाख 17 हजार 302 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिले में व्यापक स्तर पर स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य चल रहा है और बड़ी संख्या में उपभोक्ता आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत के आधार पर सटीक और पारदर्शी बिलिंग की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर पहले की तुलना में बेहतर तरीके से नजर रख सकेंगे। बिजली की खपत से संबंधित जानकारी उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के तरीके को समझने और आवश्यकता के अनुसार उसमें बदलाव करने में भी मदद मिल सकती है। आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था का उद्देश्य बिजली बिलिंग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
स्मार्ट मीटर भविष्य में समय आधारित बिजली दर जैसी व्यवस्थाओं के उपयोग में भी सहायक हो सकता है। ऐसी व्यवस्था लागू होने पर उपभोक्ता अधिक दर वाले समय में बिजली का उपयोग कम करने और कम दर वाले समय में उपयोग बढ़ाने की योजना बना सकते हैं। इससे बिजली की खपत को व्यवस्थित करने और संभावित रूप से बिजली बिल में कमी लाने में मदद मिल सकती है। हालांकि ऐसी सुविधाएं संबंधित व्यवस्था और लागू दरों के अनुसार ही प्रभावी होंगी।
स्मार्ट मीटर से केवल उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि विद्युत वितरण कंपनी को भी लाभ मिलने की संभावना है। बिजली की खपत का अधिक सटीक लेखा-जोखा उपलब्ध होने से वितरण व्यवस्था की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। इससे विद्युत आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार करने में मदद मिलेगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग से बिजली वितरण और बिलिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
विद्युत मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी रखने और इसकी गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसी के अनुरूप देश के विभिन्न राज्यों में स्मार्ट मीटर स्थापना का काम तेजी से किया जा रहा है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित कई राज्यों में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था को विस्तार दिया जा रहा है।
सीएसपीडीसीएल ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित होने वाली अफवाहों और अपुष्ट जानकारियों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए विद्युत विभाग के अधिकृत माध्यमों और अधिकारियों से ही जानकारी प्राप्त करें। स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य बिजली बिलिंग में सटीकता और पारदर्शिता बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना है।