ऑपरेशन निश्चय: उड़ीसा के देवगढ़ से गांजा सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 2.06 करोड़ की संपत्ति जब्त

महासमुंद पुलिस ने ऑपरेशन निश्चय के तहत एनडीपीएस एक्ट के मामले में गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सोर्स को उड़ीसा के देवगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अप्रैल 2026 में पांच आरोपियों से 281.900 किलो गांजा और दो वाहन समेत कुल 2.06 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। तकनीकी एवं मोबाइल डाटा के विश्लेषण के जरिए पुलिस बैकवर्ड लिंक तक पहुंची।

Sep 10, 2026 - 17:43
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ऑपरेशन निश्चय: उड़ीसा के देवगढ़ से गांजा सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 2.06 करोड़ की संपत्ति जब्त

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सोर्स तक पहुंचने का दावा किया है। पुलिस ने उड़ीसा के देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी किशोर कुमार नायक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र 36 वर्ष है और उसे 10 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर महासमुंद लाया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

यह कार्रवाई एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशों के तहत की गई। पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में एंड-टू-एंड जांच, सोर्स और डेस्टिनेशन प्वाइंट की पहचान तथा वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में महासमुंद पुलिस ने सिंघोड़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 37/2026 की जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से प्राप्त जानकारी और उनके मोबाइल फोन से मिले डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया। इसी जांच के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची, जिसे गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य सोर्स बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक 3 अप्रैल 2026 को सिंघोड़ा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो वाहनों के माध्यम से गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की। इस दौरान एक फार्चुनर और एक स्कार्पियो वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान पुलिस को दोनों वाहनों की सीटों के अंदर गांजा मिला। पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजा उड़ीसा से लेकर महाराष्ट्र के पुणे क्षेत्र में ले जाने की बात सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी।

मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें महाराष्ट्र के सतारा जिले के प्रशांत शंकर गोले, क्षितिज वीरसेन जाधव, महेश काटकर और अक्षय नंदकुमार निगम तथा शोलापुर जिले के अभिषेक डेविड जगले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों के कब्जे और वाहनों से कुल 281.900 किलो गांजा बरामद हुआ था, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये आंकी गई। मामले में गांजा परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए फार्चुनर और स्कार्पियो वाहन तथा चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे।

पुलिस के अनुसार जब्त संपत्ति में 40 लाख रुपये कीमत की फार्चुनर कार, 25 लाख रुपये कीमत की स्कार्पियो कार और करीब 50 हजार रुपये कीमत के चार मोबाइल फोन शामिल हैं। गांजे की कीमत समेत मामले में कुल जब्ती लगभग 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपये बताई गई है। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ सिंघोड़ा थाना में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।

महासमुंद पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान केवल गांजा परिवहन करने वाले आरोपियों तक सीमित न रहते हुए उसके स्रोत तक पहुंचने पर फोकस किया गया। मोबाइल डाटा और तकनीकी विश्लेषण से मिले इनपुट के आधार पर देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी किशोर कुमार नायक की पहचान गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सोर्स के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन निश्चय के तहत अवैध मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में आगे की जांच के दौरान तस्करी से जुड़े अन्य संभावित लोगों और नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस ने मामले में जब्त मोबाइल डाटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने की बात कही है।